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China-Nepal: चीन-नेपाल ने फिर खोले पारंपरिक सीमा व्यापार बिंदु; उप-प्रधानमंत्री श्रेष्ठ के आग्रह के बाद फैसला

Sun, 26 May 2024 03:58 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग (चीन)

सार

चीन और नेपाल ने शनिवार को अपने पारंपरिक सीमा व्यापार बिंदुओं को फिर से खोल दिया। नेपाल के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मामलों के मंत्री नारायण काजी श्रेष्ठ ने चीन से इन बिंदुओं को फिर से खोलने का आग्रह किया था। 
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नेपाल के उप-प्रधानमंत्री नारायण काजी श्रेष्ठ - फोटो : एएनआई
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चीन और नेपाल ने शनिवार को अपने 14 पारंपरिक सीमा व्यापार बिंदुओं को फिर से खोल दिया। नेपाल के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मामलों के मंत्री नारायण काजी श्रेष्ठ ने चीन से इन बिंदुओं को फिर से खोलने का आग्रह किया था। इसमें द्विपक्षीय व्यापार के साथ ही लोगों की आवाजाही के लिए तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र को खोलना भी शामिल था। श्रेष्ठ के आग्रह के दो महीने बाद चीन सरकार ने इन व्यापार बिंदुओं को खोलने का फैसला लिया। 

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सरकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  चीन-नेपाल सीमा पर झेंकांग शहर में शनिवार को फिर से उद्घाटन समारोह हुआ। दक्षिण पश्चिम चीन का जिजांग स्वायत्त क्षेत्र जो भारत, नेपाल और भूटान की सीमा से सटे दक्षिण एशिया के लिए एक महत्वपूर्ण शहर है। पांच व्यापारिक भूमि बंदरगाहों की मेजबानी कर रहा है।

पारंपरिक सीमा व्यापार ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में निभाई भूमिका
नगरपालिका वाणिज्य ब्यूरो के निदेशक फेंग जुएचेंग ने कहा कि पारंपरिक सीमा व्यापार ने लंबे समय से सीमावर्ती निवासियों की आजीविका का समर्थन किया है। सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कहा, 'हम सीमा व्यापार बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार करने और चीन और नेपाल के बीच आर्थिक और व्यापार आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं।'
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इन जगहों पर फिर से शुरू हुईं व्यापारिक गतिविधियां
जेनतांग व्यापार बिंदु पर, 110 चीनी व्यापारी और 47 नेपाली व्यापारी 50 से अधिक प्रकार के सामानों के लेनदेन में लगे हुए थे, जिनमें दैनिक आवश्यकताएं, निर्माण सामग्री, भोजन और पेय पदार्थ, कृषि उत्पाद और नेपाली हस्तशिल्प शामिल थे। वहीं,  झोंगबा, सागा, ग्यिरॉन्ग और न्यालम जैसी काउंटियों में अन्य पारंपरिक स्थलों पर भी व्यापार गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं।

सीपीसी सचिव के साथ 29 मार्च को की थी बैठक
25 मार्च से 1 अप्रैल तक अपनी पहली चीन यात्रा के दौरान नेपाल के विदेश मंत्री श्रेष्ठ 29 मार्च को ल्हासा में थे। इस दौरान उन्होंने तिब्बत की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के सचिव वांग जुनझेंग के साथ एक बैठक की। जिसमें नेपाल से उत्पादों के निर्यात के महत्व को रेखांकित किया था। स्वायत्त क्षेत्रीय समिति ल्हासा में नेपाल के अधिकारियों ने तब कहा था कि बैठक के दौरान श्रेष्ठ ने व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए पारंपरिक सीमा बिंदुओं को फिर से खोलने की आवश्यकता दोहराई है। 

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