पिछले साल सात अक्तूबर को हमास के हमले के बाद इस्राइल ने जो जंग शुरू की थी, वो अभी खत्म भी नहीं हुई है कि सीरिया में एक और युद्ध शुरू हो गया है। सीरिया में बीते 27 नवंबर से सेना और विद्रोहियों के बीच चल रहे संघर्ष में सेना को एक और झटका लगा है। विद्रोहियों ने हमा-अलेप्पो और दरा पर कब्जा करने के बाद विद्रोही होम्स में भी घुस गए हैं। सूत्रों ने कहा कि सीरियाई विद्रोही शनिवार को होम्स के उपनगरीय क्षेत्रों में घुस आए।
होम्स के एक निवासी और सेना तथा विद्रोही सूत्रों ने बताया कि विद्रोहियों ने शहर के उत्तर और पूर्व से सरकारी सुरक्षा में सेंध लगाई है। हालाकि सीरियाई सेना ने इन रिपोर्टों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। गौरतलब है कि होम्स रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके उत्तरी भाग में शुक्रवार देर रात से ही लड़ाई जारी है। असद की सेना विद्रोहियों पर काबू पाने के लिए बड़े हवाई हमले कर रही है।
वहीं, विद्रोहियों का दावा है कि 24 घंटे के भीतर विद्रोहियों ने लगभग पूरे दक्षिण-पश्चिम पर कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, सरकारी बलों के पीछे हटने के कारण वे दमिश्क से 30 किमी (20 मील) के भीतर तक आगे बढ़ गए। सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी ने कहा कि असद अभी भी दमिश्क में ही हैं।
गौरतलब है कि रूस और ईरान के समर्थन के बावजूद इन क्षेत्रों में युद्धबंदी लागू नहीं रह पाई और हिंसा की घटनाएं लगातार जारी रही है। जानकारों की मानें तो जिस गति से विद्रोही इस बार सीरिया में एक के बाद एक शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, वह अभूतपूर्व है।
27 नवंबर से जारी है संघर्ष
सीरिया में बीते 27 नवंबर से सेना और इस्लामी चरमपंथी विद्रोही समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में विद्रोहियों के बीच संघर्ष शुरू हुआ। इसके बाद विद्रोहियों ने पहले अलेप्पो और फिर हमा शहर पर कब्जा कर लिया। सीरियाई सेना ने एलान करते हुए बताया कि विद्रोहियों ने शहर में डिफेंस लाइन को तोड़ दिया था, जिसके बाद उन्होंने पीछे हटने का फैसला किया।
सीरिया में 2011 में शुरू हुआ गृह युद्ध
2011 में अरब क्रांति के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हुई थी। सीरिया के लोगों ने 10 साल से सत्ता में काबिज बशर अल-असद सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसके बाद 'फ्री सीरियन आर्मी' के नाम से एक विद्रोही गुट तैयार हुआ।
विद्रोही गुट के बनने के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हो गई थी। इसमें अमेरिका, रूस, ईरान और सऊदी अरब के शामिल होने के बाद ये संघर्ष और बढ़ता गया। इस बीच, सीरिया में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस ने भी पैर पसार लिए थे। 2020 के सीजफायर समझौते के बाद यहां सिर्फ छिटपुट झड़प ही हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक तक चले गृहयुद्ध में 3 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके अलावा लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।