ऑस्ट्रेलिया के साथ कई अन्य देश भी इस परियोजना के अलग हो सकते हैं। दरअसल, परियोजनाओं के नाम पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाने व कई मनमानी शर्तें थोपने के कारण इससे जुड़े अधिकतर देश अब खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।
चीन आगबबूला
ऑस्ट्रेलिया के निर्णय को चीन ने नकारात्मक कदम बताया है। साथ ही कहा है कि इससे द्विपक्षीय संबंध खट्टे होंगे। चीन के प्रमुख कूटनीतिज्ञ चेंग जिंगये ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों देशों के बिगड़ते संबंधों के लिए दोषी बताया। वैसे अप्रैल 2020 से ही दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ रहे हैं।
यूरोपीय संघ में भी विरोध
हांगकांग व चीन में उइगर मुसलमान अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के लिए चिंता जताने पर यूरोपीय संघ के साथ ही चीन की तनातनी बढ़ती जा रही है। उसने हाल में यहा के कई अधिकारियों जनप्रतिनिधियों, राजदूतों और अकादमिक जगत के लोगों पर पाबंदियां लगा दी।