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अध्ययन में हुआ खुलासा, इस उम्र के बाद सांता क्लॉज पर विश्वास करना बंद कर देते हैं बच्चे

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Mon, 17 Dec 2018 12:54 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com

दुनियाभर में क्रिसमस आने से पहले ही बच्चे बेहद खुश दिखाई देते हैं। चाहे फिर बात भारत की हो या फिर दुनिया के किसी और देश की। जाति और धर्म से परे सभी बच्चे सांता क्लॉज से मिलने के लिए उत्साहित रहते हैं। बचपन से ही वे कार्टूनों में देखते आए हैं कि सांता क्लॉज अपने साथ तोहफे लेकर आता है। जिसके लिए बच्चे न केवल क्रिसमस ट्री सजाते हैं बल्कि लाल जुराब को छत पर भी रखकर आते हैं।



यह एक तरह का अंधविश्वास ही होता है। एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में इसे लेकर नया खुलासा हुआ है। अध्ययन में कहा गया है कि 8 साल की उम्र के बाद बच्चे सांता क्लॉज में विश्वास करना बंद कर देते हैं। वहीं एक नई बात जो अध्ययन में सामने आई है, वह है वयस्कों के विश्वास पर। अधिकतर वयस्क जानते हैं कि सांता क्लॉज नहीं होता फिर भी उनमें से 34 फीसदी ऐसे हैं जो सांता में विश्वास करने का दिखावा करते हैं। वहीं 50 फीसदी ने ये स्पष्ट किया है कि वह इसमें अब विश्वास नहीं करते।


अध्ययन कराने वाले ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर में मनोविज्ञान के प्रफेसर क्रिस बोयल ने दुनियाभर के लोगों से पूछा कि उन्होंने सांता को लेकर अपना मन कैसे बदला। और जब यह बात पता चली तो क्या उनका अपने अभिभावकों पर विश्वास प्रभावित हुआ कि सांता जैसे दिखते हैं वैसे हैं नहीं। इ एक्सेटर सांता नाम के इस सर्वे इस पर बोयल को पूरी दुनिया से 1200 जवाब मिले। अध्ययन में निष्कर्ष निकला की औसतन आठ साल की आयु में बच्चे सांता पर विश्वास करना बंद कर देते हैं।

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