संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम संगठन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'बाढ़ संबंधित जानकारी, अधिकतर बाढ़ प्रभावित इलाकों में ट्रक नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में संगठन को बाढ़ प्रभावितों को मदद पहुंचाने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ा।'
अफगानिस्तान में बाढ़ के बाद हालात बेहद खराब हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अधिकतर इलाकों में वाहनों का जाना संभव नहीं है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए गधों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने साझा की तस्वीर
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम संगठन ने एक तस्वीर साझा की है, जिसमें एक राहत बचाव कर्मी गधे पर लादकर खाद्य सामग्री को ले जाता दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'बाढ़ संबंधित जानकारी, अधिकतर बाढ़ प्रभावित इलाकों में ट्रक नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में संगठन को बाढ़ प्रभावितों को मदद पहुंचाने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ा।' अफगानिस्तान बाढ़ में मरने वाले लोगों का आंकड़ा रविवार को 300 को पार कर गया।
अफगानिस्तान के इन प्रांतों में बाढ़ से हुई तबाही
बाढ़ से अफगानिस्तान के बदख्शां, घोर, बगलान, हेरात प्रांत में भारी तबाही हुई है और इन प्रांतों में करीब दो हजार घर तबाह हो गए हैं। घरों के अलावा भी आधारभूत ढांचे को काफी नुकसान हुआ है। शनिवार को मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी ने भी सदस्य देशों से अफगानिस्तान की आर्थिक मदद करने की अपील की। अफगानिस्तान की बाढ़ में मृतकों का आंकड़ा 315 हो गया है और 1630 लोग घायल हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अफगानिस्तान को मदद के तौर पर 7 टन दवाईयां और इमरजेंसी किट भेजी हैं। अफगानिस्तान में अप्रैल माह में भी भारी बारिश और बाढ़ के चलते 70 लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही उस बाढ़ में 2000 के करीब मकान, तीन मस्जिदें और चार स्कूल भी तबाह हो गए थे।