अफगान शरणार्थियों को लेकर पाकिस्तान ने बड़े फैसले के संकेत दिए हैं। अमेरिका में अफगानों के पुनर्वास से जुड़े अहम घटनाक्रम के बाद पाकिस्तानी मंत्री ने शरणार्थियों को निकाले जाने का बयान दिया है। मामला आर्थिक संकट से जुड़ा लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका आगामी अप्रैल तक पुनर्वास से जुड़े दफ्तर बंद करने की तैयारी में है। इससे दो लाख लोगों का जीवन प्रभावित हो सकता है। विदेश मंत्री इशाक डार ने जो बयान दिया है, इसके मुताबिक पाकिस्तान इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत करने को तैयार है, लेकिन जिन लोगों को अमेरिका पुनर्वास से वंचित करेगा, सैद्धांतिक रूप से उन्हें पाकिस्तान में भी अवैध प्रवासी माना जाएगा और देश से निकाला जाएगा।
अमेरिका के इस फैसले से दो लाख लोगों के जीवन पर असर
बता दें कि अमेरिका ने अफगानों के पुनर्वास की देखरेख करने वाले विदेश विभाग के कार्यालय को अप्रैल तक बंद करने की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इस कदम से लगभग दो लाख लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। बीते 18 फरवरी (अमेरिकी समयानुसार) को आई एक रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी, एक प्रमुख अधिवक्ता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की तरफ से निर्देश दिए गए हैं। इस अहम घटनाक्रम से परिचित दो सूत्रों ने अफगानों के पुनर्वास से जुड़ी बड़ी योजना की खबर दी।
पाकिस्तान ने 837 अफगान शरणार्थियों को वापस भेजा
बता दें कि पाकिस्तान इससे पहले भी कई अफगानों को निकाल चुका है। करीब 10 महीने पहले अप्रैल, 2024 में पाकिस्तान ने 800 से अधिक अफगान शरणार्थियों को तोरखम व स्पिन बोल्डक क्रॉसिंग के जरिये वापस उनके देश भेज दिया था। खामा प्रेस ने रविवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि दो दिनों में 837 अफगान शरणार्थियों को वापस अफगानिस्तान भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक तालिबानी शरणार्थी एवं प्रत्यावर्तन मंत्रालय के अनुसार, वापस भेजे गए लोगों में 90 परिवार व उससे संबंधित 468 लोग तोरखम क्रॉसिंग पर लौट आए। इसी तरह, 369 लोग (67 परिवार) स्पिन बोल्डक क्रॉसिंग के जरिये अफगानिस्तान लौटे।
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