पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मानवाधिकारों के हनन और अत्याचारों के चलते अफगान नागिरकों का गुस्सा फूट गया। गुस्साए अफगान पश्तूनों ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की इमारत के अंदर से पाकिस्तानी राष्ट्रीय ध्वज को जबरदस्ती हटा दिया। हालांकि, घटना के बाद दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बता दें कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसके चलते पांच लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक नागरिक घायल हो गए।
पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास की इमारत से राष्ट्रीय ध्वज हटाने की घटना का वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। वहीं, पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, अफगान नागरिकों ने फ्रैंकफर्ट में पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास पर धावा बोला और झंडा नीचे गिरा दिया। बाद में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना के बाद, जर्मनी में पाकिस्तानी दूतावास ने कड़ी निंदा की। कहा, हम 20 जुलाई 2024 को अफगान उपद्रवियों द्वारा फ्रैंकफर्ट में की गई बर्बरता की निंदा करते हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए जर्मन अधिकारियों के संपर्क में हैं कि ऐसी स्थिति फिर से न आए। वहीं, उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा, पाकिस्तान ने जर्मन सरकार के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हमने जर्मन सरकार से वियना सम्मेलनों के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने और जर्मनी में राजनयिक मिशनों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मानवाधिकारों के हनन और अत्याचारों की घटनाओं के चलते अफगानिस्तान और विदेशों में पश्तून समुदाय के बीच अशांति का माहौल बना है।