अफगानिस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति अशरफ गनी के एक प्रवक्ता ने मीडिया को भेजे गए एक वीडियो संदेश में कहा कि हजारों आतंकवादी पाकिस्तान से अफगानिस्तान में देश के छद्म युद्ध को अंजाम देने के लिए प्रवेश कर गए हैं। संदेश में कहा गया है, "हमारे पास सटीक खुफिया रिपोर्ट है कि 10,000 से अधिक पाकिस्तानी पाकिस्तान से अफगानिस्तान में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि अन्य 15,000 आतंकवादियों को आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे पता चलता है कि एक नियमित संस्था है जो तालिबानी आतंकवादियों को प्रशिक्षण दे रही है और उसकी वित्तीय सहायता कर रही है।
गनी ने पाकिस्तान को लताड़ा था
इससे पहले राष्ट्रपति गनी ने भी कहा था कि एक महीने में 10,000 विदेशी आतंकी पाकिस्तान से अफगानिस्तान आए हैं। इस महीने की शुरुआत में, गनी ने आतंकवादी संगठनों के समूहों के साथ अपने संबंध नहीं तोड़ने के लिए पाकिस्तान को लताड़ा था। उन्होंने कहा था कि खुफिया रिपोर्टों के अनुसार पिछले महीने 10,000 से अधिक 'जिहादी' लड़ाके अफगानिस्तान में प्रवेश कर चुके थे, जबकि इमरान-खान पाकिस्तान सरकार तालिबान को समझाने में विफल रही थी।
मध्य और दक्षिण एशिया संपर्क सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, गनी ने कहा था "खान और उनके जनरलों के बार-बार आश्वासन के विपरीत पाकिस्तान अपने हित में अफगानिस्तान में तालिबान को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं करता है, और तालिबान का समर्थन करने वाले लोग और संगठन खुले तौर पर अफगान के लोगों और राज्य की संपत्ति और क्षमताओं के विनाश का जश्न मना रहे हैं।
गनी का कार्यालय लंबे समय से इस बात पर जोर देता रहा है कि तालिबान अफगानिस्तान में पाकिस्तान का छद्म युद्ध लड़ता है। हाल ही में, अफगान के पूर्व खुफिया प्रमुख रहमतुल्ला नबील ने भी कहा था कि कम से कम 1,000 पाकिस्तानी आतंकवादी हर दिन स्पिन बोल्डक सीमा जिले के माध्यम से अफगानिस्तान में प्रवेश करते हैं। पिछले सप्ताह तालिबान ने इस जिले पर कब्जा कर लिया था।
पिछले कुछ हफ्ते में अफगानिस्तान में हिंसा बढ़ी
अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान पर तालिबान को हवाई सहायता प्रदान करने और स्पिन बोल्डक सीमा क्षेत्र पर फिर से अफगानी बलों के कब्जा करने के प्रयास पर जवाबी कार्रवाई करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। पिछले कुछ हफ्तों में, अफगानिस्तान में हिंसा बढ़ गई है, क्योंकि तालिबान ने नागरिकों और अफगान सुरक्षा बलों के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में भी कहा गया है कि विभिन्न देशों के आतंकवादी और आतंकवादी समूह अफगानिस्तान में सक्रिय हैं। यूएन एनालिटिकल सपोर्ट एंड सेंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की 28वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने तालिबान के साथ संबंध बनाए रखा है क्योंकि उसके लगभग 6,000 आतंकवादी अफगान सीमा की तरफ हैं।