नामीबिया के नेता एडोल्फ हिटलर उनोना और जर्मनी का तानाशाह हिटलर
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दक्षिण अफ्रीकी देश नामीबिया का एक स्थानीय चुनाव पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। इसका कारण यह है कि इस चुनाव में एडोल्फ हिटलर नामक व्यक्ति ने बड़ी जीत हासिल की है। हालांकि, अपने नाम से इतर हिटलर उनोना का कहना है कि उनकी दुनिया पर राज करने की कोई ख्वाहिश नहीं है।
54 वर्षीय हिटलर नामीबिया में सत्ताधारी स्वापो पार्टी के सदस्य हैं। उन्हें ओम्पुंजा विधानसभा क्षेत्र से करीब 85 फीसदी वोट से जीतने के बाद काउंसिलर चुना गया है। अपनी जीत के बाद जर्मनी के एक समाचार पत्र 'बिल्ड' से बात करते हुए हिटलर ने कहा कि 'नाजी विचारधारा' से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बचपन में लगता था सामान्य नाम
बता दें कि एक समय में जर्मनी के उपनिवेश रहे नामीबिया में हिटलर नाम असामान्य नहीं है। उनके पिता ने उनका नाम जर्मनी के नाजी नेता हिटलर के नाम पर रखा था। हिटलर का कहना है कि उन्हें यह समझ में नहीं आता है कि एडोल्फ हिटलर का मतलब क्या है। बचपन में मुझे यह एकदम सामान्य नाम लगता था।
'हिटलर' से कोई लेना-देना नहीं
हिटलर कहते हैं, 'जब मैं बड़ा हुआ तब मुझे यह समय आया कि यह व्यक्ति (तानाशाह एडोल्फ हिटलर) पूरी दुनिया पर राज करना चाहता था। मेरा इन सब चीजों से कोई लेना-देना नहीं है। मेरा यह नाम होने का मतलब यह नहीं है कि मैं ओशाना (जहां ओम्पुंजा विधानसभा है) पर विजय हासिल करना चाहता हूं।'
नाम बदलने का कोई इरादा नहीं
जनता के बीच एडोल्फ उनोना के नाम से जाने जाने वाले इस नेता का कहना है कि मेरा नाम बदलने का कोई इरादा नहीं है क्योंकि यह नाम मेरे सभी आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है। बता दें कि साल 1884 से 1915 के बीच नामीबिया जर्मनी का हिस्सा था और तब इसे जर्मन दक्षिण पश्चिमी अफ्रीका कहा जाता था।