विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच फिर से शुरू होने जा रही है। हालांकि, यह मामला बंद हो चुका था लेकिन पीड़ित के वकील की अपील पर इसे फिर से खोला गया है। विकिलीक्स के एडिटर ने कहा है कि असांजे को अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने का मौका दिया जाएगा।
इन आरोपों को खारिज करने वाले 47 वर्षीय असांजे 2012 में लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में शरण मांगने के बाद सात साल तक स्वीडन प्रत्यर्पित होने से बचे रहे। लेकिन, पिछले महीने उन्हें दूतावास से निकाल दिया गया और जमानत की शर्तों को तोड़ने के लिए 50 सप्ताह जेल की सजा सुनाई गई।
पब्लिक प्रॉसिक्यूशन डिप्टी डायरेक्टर इवा मैरी पर्सन ने पत्रकारों से कहा, ‘मैंने इस मामले में फिर से जांच खोलने का फैसला किया है। यदि स्वीडन में यह मामला दोबारा शुरू होता है तब यह ब्रिटेन को निर्णय लेना होगा कि असांजे को प्रत्यर्पित किया जाए या नहीं।
बता दें कि जूलियन असांजे पर स्वीडन में यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। जिसके बाद लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 29 जून, 2012 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।