वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से पूरी दुनिया प्रभावित है। इसी बीच सेव द चिल्ड्रन नाम के एक समूह ने दावा किया है कि कोरोना से 70 लाख अफगानी बच्चों की जिंदगी प्रभावित हुआ है।
सेव द चिल्ड्रन नाम के एक समूह ने सोमवार को कहा है कि कोरोना महामारी ने देश के 70 लाख छात्रों को गरीबी की तरफ धकेला है और उनके मूल अधिकारों से उन्हें दूर कर दिया है।
टोलो न्यूज ने सेव द चिल्ड्रन ग्रुप की प्रवक्ता मरियम अतई के हवाले से बताया कि कोविड-19 के प्रकोप के कारण 70 लाख से ज्यादा बच्चे देश में भुखमरी के शिकार हुए हैं। वहीं इसका असर शिक्षा पर भी पड़ा है, जो बच्चे पिछले तीन महीनों में स्कूल नहीं जा सके हैं वो शिक्षा के अपने मूल अधिकारों से दूर हो गए हैं।
बता दें कि देश में कोरोना वायरस से अभी तक 15 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं। वहीं 265 मौतें हुईं हैं। यूनिसेफ के आंकड़ों का हवाला देते हुए, श्रम और सामाजिक मामलों के उपमंत्री गुलाम हैजर जलानी ने कहा कि लगभग 60 लाख बच्चे इस वक्त खतरे में हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे यहां 30 लाख 10 हजार ऐसे बच्चे हैं जो अत्यधिक कमजोर हैं और 10 लाख 20 हजार कामकाजी बच्चे हैं। अफगानिस्तान स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग के प्रवक्ता नईम नाजरी ने कहा कि सरकार द्वारा किए बड़े वादों के बावजूद देश में शिक्षा की स्थिति, बाल विवाह और यौन शोषण जैसे मामलों में बच्चों की स्थिति काफी गंभीर और अस्वीकार्य है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी और सूचना प्राधिकरण की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, अनुमानित 32 लाख 90 हजार अफगान आबादी में से लगभग आधी आबादी 15 वर्ष से कम उम्र वाली है।