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येल यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पूरी दुनिया में इतनी है पेड़ों की संख्या

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 24 Feb 2019 02:32 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

दुनियाभर में पड़ों के कटने से कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। विकास के नाम पर हो रही पेड़ों की कटाई से लगातार पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है। अब इस मामले पर एक रिपोर्ट सामने आई है। साल 2015 में ये पहली बार पता चला है कि दुनिया में 30 खरब, 40 अरब पेड़ हैं। इनमें से 15 अरब पेड़ हर साल काटे जा रहे हैं।



पेड़ों की सटीक संख्या बताने का ये दावा अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी ने किया है। इस यूनिवर्सिटी का दावा है कि ये आंकड़े लंबे अध्ययन के बाद सामने आए हैं। अध्ययनकर्ताओं ने इसके लिए सैटेलाइट तस्वीरों, वन लिस्ट और सुपर कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। जिसके बाद दुनियाभर में पेड़ों की संख्या पता चली है। 


इस अध्ययन में ये बात भी सामने आई है कि पौधों को रोपने की रफ्तार हर साल 5 अरब ही है। इनमें से रोपने के कुछ समय बाद कई पौधे मुरझा भी जाते हैं।

हो रहा गंभीर नुकसान

पेड़ों के कम होने से गहराते खतरे के बारे में बताते हुए येल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फॉरेस्ट्री एंड एन्वायरमेंटल स्टडीज में रिसर्चर थॉमस क्राउथर का कहना है, "धरती पर पेड़ों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसका हम नतीजा देख रहे हैं। बारिश के मौसम में तेज गर्मी, गर्मी के मौसम में तेज ठंड और ठंड के मौसम में बारिश का सामना बीते एक से ही किया जा रहा है।" 

विकास के नाम पर तबाह हो रहे जंगल

थॉमस क्राउथर का कहना है कि विकास के नाम पर जंगलों का सफाया किया जा रहा है। एक समय ऐसा भी था जब पूरी तरह यूरोप जंगलों से ढंका हुआ था। लेकिन आज हर जगह खेत और घास के मैदान दिखाई देते हैं। इस वक्त दुनिया में हर व्यक्ति के हिस्से में करीब 422 पेड़ हैं। लेकिन इससे अधिक खुश नहीं हुआ जा सकता।



पेड़ों की ताजा संख्या बेशक अधिक हो लेकिन हर साल इन्हें काटा जा रहा है। इमारती लकड़ी के लिए ही हर साल 10 अरब पेड़ कट रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि धरती से करीब आधे से अधिक पेड़ नष्ट हो चुके हैं।

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