खबरों के विश्वसनीय स्रोतों के मामले में ‘खोज’ और ‘पारंपरिक मीडिया’ सबसे भरोसेमंद हैं। इसे मामले में खोज और पारंपरिक मीडिया के 66 अंक है, जबकि सोशल मीडिया 44 अंकों के साथ भरोसे के मामले में नीचे है। वहीं, 73 फीसदी लोग झूठी सूचना या फर्जी खबरों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने को लेकर चिंतित हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर ‘मेरे नियोक्ता’ एनजीओ, कारोबार, सरकार और मीडिया की तुलना में अधिक विश्वसनीय हैं। एडलमैन के सीईओ और अध्यक्ष रिचर्ड एडलमैन का कहना है कि पिछले दशक में पारंपरिक प्राधिकरण के आंकड़ों और संस्थानों में भरोसे की कमी देखी गई है।