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मोदी को नंबर-1 बताने वाली कंपनी की कहानी : 2014 में द मॉर्निंग कंसल्ट की शुरुआत हुई, पढ़िए कंपनी का पूरा सफर

साल 2014 में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी देश के प्रधानमंत्री चुने गए थे। आज आठ साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे हैं। अमेरिकन फर्म 'द मॉर्निंग कंसल्ट' के ताजा सर्वे में 70% लोगों ने मोदी को सबसे लोकप्रिय नेता माना है।

अब आप सोच रहे होंगे कि सर्वे करने वाली द मॉर्निंग कंसल्ट कंपनी किसकी है? इसका इतिहास क्या है और ये कैसे सर्वे करती है? इस रिपोर्ट में हम आपको कंपनी की पूरी कहानी बताएंगे...
  • 2013

    पहली बार पोल कराया

    माइकल रैमलेट ने अपने अन्य साथियों की मदद से अमेरिका के युवाओं के बीच एक हस्ताक्षर अभियान और पोल शुरू किया था। इसमें अफॉर्डेबल केयर एक्ट में युवा अमेरिकंस को भी शामिल करने की मांग की गई थी। यहीं से द मॉर्निंग कंसल्ट का आगाज हुआ था, जिसे 2014 में कंपनी का रूप दे दिया गया। 
  • 2014

    कंपनी की शुरुआत हुई

    द मॉर्निंग कंसल्ट एक अमेरिकन कंपनी है। ये वैश्विक स्तर पर डेटा इंटेलीजेंस का काम करती है। इसकी शुरुआत 2014 में हुई थी। उसी साल भारत में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे। प्रोफेशनल कंपनियों का लेखा-जोखा रखने वाली डिलॉयट के अनुसार, द मॉर्निंग कंसल्ट 2018 और 2019 की सबसे तेज ग्रोथ करने वाली टेक्नोलॉजी बेस्ड कंपनी है।

    अब कंपनी का टर्नओवर 100 करोड़ से भी ज्यादा का हो गया है। कंपनी ऑनलाइन टेक्नोलॉजी के जरिए दुनियाभर में रिसर्च और सर्वे करती है। इसका मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी में है। 
     
  • 2015

    कंपनी ने नई टेक्नोलॉजी लॉन्च की

    इंडस्ट्री लीडिंग स्टैंडर्ड के लिए कंपनी ने डेटा कलेक्शन टेक्नोलॉजी को लॉन्च किया। इसके जरिए दुनिया के 100 करोड़ लोगों तक अपनी पहुंच बना ली। द मॉर्निंग कंसल्ट अप्रूवल और डिसअप्रूवल रेटिंग 7 दिनों के मूविंग एवरेज के आधार पर निकालती है। इस कैलकुलेशन में 1 से 3 प्रतिशत तक का प्लस-माइनस मार्जिन होता है। यानी अप्रूवल और डिसअप्रूवल रेटिंग में 1 से 3 प्रतिशत तक की कमी या वृद्धि हो सकती है। 
  • 2016

    राष्ट्रपति चुनाव में सटीक रिपोर्ट दी

    कंपनी ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान सर्वे के आधार पर रिपोर्ट जारी की। चुनाव के परिणाम आने पर द मॉर्निंग कंसल्ट की रिपोर्ट पर मुहर लग गई। कंपनी के आंकड़े केवल एक प्रतिशत के अंतर पर थे। चुनाव के दौरान कंपनी ने राजनीतिक मुद्दों, उम्मीदवारों और मीडिया को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट पब्लिश की थी। 
  • 2017

    कंज्यूमर ट्रैकिंग प्लेटफार्म लॉन्च किया

    कंपनी ने कंज्यूमर ट्रैकिंग प्लेटफार्म तैयार किया। इसके जरिए मल्टीनेशनल ब्रांड वाली चार हजार कंपनियों और उत्पाद के लिए कंपनी हर रोज सर्वे कराती है। 
  • 2018

    दुनिया के आर्थिक गतिविधियों की ट्रैकिंग शुरू की

    कंपनी ने दुनियाभर में घरेलू और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों के ट्रैकिंग का काम शुरू किया। रोजाना होने वाली इन गतिविधियों की ट्रैकिंग रिपोर्ट को कई देश की सरकारों को विश्वास है। 
  • 2019

    सर्वे के लिए मशीन लर्निंग का इस्तेमाल

    कंपनी ने मशीन लर्निंग का उपयोग करते हुए सर्वे एप्लीकेशन तैयार किया। इसमें इंसान के आम बोलचाल वाले भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे सर्वे के दौरान कोई भाषायी समस्या न आए। 
  • 2020

    कोरोना के रियल टाइम आंकड़ों को नेविगेट किया

    द मॉर्निंग कंसल्ट ने कोरोनाकाल में 36 मिलियन डॉलर का सीरीज ए जुटाया था। इसकी वैल्युएशन 306 मिलियन यूएस डॉलर थी। इसके जरिए कोरोना के आंकड़ों को रियल टाइम नेविगेट किया जा सका। 
  • 2021

    100 करोड़ की कंपनी हुई

    द मॉर्निंग कंसल्ट 100 करोड़ रूपये यानी एक बिलियन यूएस डॉलर क्लब की कंपनियों में शामिल हो गई।