श्रीलंका में ईस्टर पर हुए आतंकी हमलों के बाद वहां रह रहे 15 देशों के करीब 1600 शरणार्थियों को खुद पर हमला होने का डर सता रहा है। इन शरणार्थियों में ज्यादातर पाकिस्तानी ईसाई हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
शरणार्थियों के साथ काम कर रहे एक अधिकारी ने कहा, 'पाकिस्तान, सीरिया समेत 15 देशों के करीब 1,600 लोग हैं, जो अलग-अलग धार्मिक आस्थाओं में विश्वास रखते हैं। वे अपने ही देशों में प्रताड़नाओं से बचकर श्रीलंका आए हैं, लेकिन अब यहां भी इन्हें खुद पर हमले का डर सता रहा है।
वे दहशत के साए जी रहे हैं। अधिकारी का कहना है कि शरणार्थी जिन घरों में किराये पर रह रहे हैं, उनके मकान मालिक घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। स्थानीय नेता उन्हें किसी और जगह भेजे जाने का विरोध कर रहे हैं।
पिछले रविवार को तीन चर्चों और तीन लक्जरी होटलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में 253 लोग मारे गए थे और 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी लेकिन सरकार ने इसके लिये स्थानीय आतंकी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को जिम्मेदार ठहराया था।