अमेरिका के एक लेखक ने न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखे अपने इस लेख में आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया के सामने फिर से पाकिस्तान को बेनकाब किया है। पुरस्कार विजेता लेखक युद्धजीत भट्टाचार्य ने अपने लेख में विस्तृत विवरण दिया है कि कैसे जैश प्रमुख मसूद अजहर ने 1999 में विमान अपहरण कांड के बाद हुई अपनी रिहाई से अब तक भारत के खिलाफ हिंसा और हमलों को अंजाम दिया है।
जैश ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। इसमें 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे। भट्टाचार्य का कहना है कि जैश या उसके जैसे दूसरे आतंकी संगठन ने अगर भारत में पुलवामा जैसा एक और हमला कराया तो परमाणु संपन्न दो पड़ोसी मुल्कों के रिश्ते और खराब हो सकते हैं।
भारत की तमाम आपत्तियों और विरोध के बावजूद पाकिस्तान मसूद जैसे आतंकियों पर कोई लगाम नहीं लगा रहा है। अब भी जैश जैसे कई आतंकी संगठन पाकिस्तान की धरती से संचालित हो रहे हैं। यही वजह थी भारतीय सेनाओं को उड़ी और पुलवामा जैसी आतंकी घटनाओं के बाद पाकिस्तान की सीमा घुसकर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक जैसी सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। पुलवामा जैसी एक और आतंकी वारदात भारत और पाकिस्तान में टकराव की स्थिति का कारण बन सकती है। भट्टाचार्य ने आगे लिखा कि मसूद को पिछले साल अंतरराष्ट्रीय आतंकी की सूची में डलवाना भारत की बड़ी कामयाबी है।