कोस्टा रिका के जंगलों में वैज्ञानिक एआई कैमरों और पोर्टेबल टचस्क्रीन की मदद से जंगली बंदरों की बुद्धिमत्ता, याददाश्त और व्यवहार का अध्ययन कर रहे हैं। बंदर टास्क पूरा करने पर केले का इनाम पाते हैं। इस तकनीक से उनके भोजन, तनाव और सामाजिक व्यवहार का विश्लेषण कर विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कोस्टा रिका के घने और जैविक विविधता से भरे जंगलों में इन दिनों तकनीक और कुदरत का अनोखा मेल देखने को मिल रहा है। शोधकर्ता एआई कैमरों व पोर्टेबल टचस्क्रीन के जरिये बंदरों की बुद्धिमत्ता का परीक्षण कर रहे हैं। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बंदर स्क्रीन को अपनी उंगलियों से छूकर कुछ टास्क पूरे करते हैं और सही जवाब देने पर उन्हें इनाम के तौर पर केले के टुकड़े मिलते हैं।
वैज्ञानिक इसके जरिये जंगली बंदरों विशेषकर व्हाइट-फेस्ड कैपुचिन की बुद्धिमत्ता, सोचने की क्षमता और याददाश्त का अध्ययन कर रहे हैं। इसका मकसद विलुप्त होने की कगार पर खड़ी बंदरों की प्रजातियों को बचाना भी है। जंगल में लगे ये स्मार्ट कैमरे सिर्फ तस्वीरें ही नहीं खींचते, बल्कि एआई एल्गोरिदम की मदद से बंदरों के आपसी व्यवहार, उनके भोजन के पैटर्न और तनाव के लक्षणों का भी विश्लेषण करते हैं।
उत्सुकता से निहार रहे, जमकर लुत्फ उठा रहे
विशेषकर हाउलर और कैपुचिन प्रजाति के छोटे बंदर अक्सर कैमरों के लेंसों को उत्सुकता से निहारते हैं और स्क्रीन को छूकर पर टास्क भी पूरे कर रहे हैं। यहां के रेनफॉरेस्ट में रहने वाले बंदरों के लिए यह सब कौतूहल का विषय बना हुआ है। ये बंदर कैमरों के सामने अजीब तरह के करतब दिखाते नजर आते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बंदरों के संरक्षण की यह तकनीक बेहद कारगर होने वाली है।