ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (फाइल फोटो)
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ब्रिटेन में यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए ब्रेग्जिट समझौते को नकारने वाले विवादित विधेयक को हाउस ऑफ कॉमंस ने पारित कर दिया है। अब यह विधेयक संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में जाएगा। इस विधेयक के कानून का रूप लेने पर ब्रिटेन अपनी मर्जी के मुताबिक व्यापार समझौते और अन्य कदम उठा सकेगा। ईयू का उसके फैसलों में कोई दखल नहीं रहेगा।
ब्रिटिश संसद के ताजा फैसले से ब्रिटेन और बाकी यूरोप के सदियों पुराने रिश्तों में दरार आ गई है। इसका असर आने वाले समय में और ज्यादा बड़े रूप में दिखाई दे सकता है। सत्ता पक्ष, विपक्ष और ईयू से उठ रहे तीखे विरोध के बीच प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हाउस ऑफ कॉमंस से इंटरनल मार्केट बिल पारित करा लिया।
बिल के समर्थन में 340 जबकि विरोध में 263 सांसदों ने मत डाले। सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के दो सांसदों-सर रोजर गेल और एंड्रयू पर्सी ने बिल के खिलाफ वोट डाला जबकि 30 सांसदों ने मतदान का बहिष्कार किया। सरकार ने कहा कि यह विधेयक ब्रिटेन व उत्तरी आयरलैंड के जायज अधिकारों की रक्षा करेगा।
नया कानून बनाने की आशंका
इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड ईयू के साथ व्यापार समझौता कर सकेंगे। लेकिन आशंका जताई जा रही है कि ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़कर नया कानून बनाने जा रहा है। उसने ईयू के साथ हुए समझौते को बिना विचार-विमर्श किए एकतरफा तोड़ने का कदम उठाया है। इसका दुनिया में गलत संदेश गया है।