फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टूटेगी एक सदी पुरानी परंपरा, कैंब्रिज क्रिसमस गीत इस बार नहीं होगा लाइव

Thu, 24 Dec 2020 07:55 AM IST
Kuldeep Singh न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
विज्ञापन
क्रिसमस - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कैंब्रिज की प्रसिद्ध गायन मंडली का लाइव संगीत इस साल दुनिया नहीं सुन पाएगी। कोरोना के नए रूप से बचने के लिए ब्रिटेन में लगे ताजा प्रतिबंधों के चलते मंडली का रिकॉर्ड गाना बृहस्पतिवार रात रेडियो पर प्रसारित होगा। यह मंडली एक सदी से अपनी लाइव संगीत परंपरा के जरिए करोड़ों लोगों को मंत्रमुग्ध करती आ रही है।

विज्ञापन


10 करोड़ लोगों के सुनने का अनुमान, केवल अमेरिका में 450 रेडियो स्टेशनों पर चलाने की तैयारी
किंग्स स्कूल के 9 से 13 साल के बच्चों के साथ कैंब्रिज कॉलेज के छात्र इस मंडली में सामूहिक गायन करते हैं। इस बार इन्होंने क्रिसमस गीत 'आई सा थ्री शिप्स' रिकॉर्ड किया है जिसे क्रिसमस की पूर्व संध्या पर करीब 10 करोड़ लोग सुनेंगे।

वैसे हर साल इस मंडली द्वारा गाए जाने वाले 'फेस्टिवल ऑफ नाइन एंड कैरोल्स' गीत का दुनिया भर के रेडियो स्टेशनों पर सीधा प्रसारण होता है। अकेले अमेरिका में ही 450 रेडियो स्टेशनों पर इसका क्रिसमस गीत लाइव बजता है।
विज्ञापन


1918 से निभाई जा रही है क्रिसमस परंपरा
इस मंडली को दुनियाभर के धार्मिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति के लिए बुलाया जाता है। इसके अलावा सामूहिक गायन की परंपरा 1918 से शुरू हुई थी, तब से यह निरंतर जारी है।

नौ माह से चल रही थी तैयारी, छोड़ी नहीं उम्मीद
महामारी के कारण इसमें शामिल छात्रों और निर्देशक को एहसास हो गया था कि इस बारे में शायद ही कोई सार्वजनिक प्रस्तुति दे पाएंगे। फिर भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और क्रिसमस के लिए 9 महीने तक पूरी तैयारी की।

तैयारी के दौरान कुछ साथी संक्रमित भी हुए
लेकिन, बाकियों ने जूम जैसे ऑनलाइन माध्यमों के जरिए तैयारियां जारी रखी। अक्तूबर में लॉकडाउन में ढील के बाद पहली दफा सभी साथी एकजुट हुए और प्रस्तुति को आखिरी रूप देने के लिए अभ्यास किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें