ब्रिटेन में भारतीय मूल की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल को गाली देने और धमकी देने के आरोप में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के एक 65 वर्षीय कार्यकर्ता को पांच महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।
पिछले साल भेजा था पत्र
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूनीराज कनकिया ने पिछले साल जनवरी में प्रीति को धमकी भरा पत्र भेजा था। तब वह बोरिस जॉनसन की सरकार में गृह विभाग की प्रभारी थीं। कनकिया ने पत्र को व्यक्तिगत बताया था। उसे उम्मीद थी कि पटेल इसे खुद खोलेंगी, लेकिन सुरक्षा कर्मचारियों ने पत्र को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया।
टुकड़े करने की दी थी धमकी
कनकिया ने पत्र में पटेल को गाली देते हुए लिखा था कि आपका समय समाप्त हो रहा है। तैयार रहें, हम आपको सबक सिखाएंगे। साथ ही लिखा कि हम आपके टुकड़े-टुकड़े कर देंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभियोजक डेविड बर्न्स ने बताया कि पत्र में पटेल और जॉनसन के बीच संबंधों को लेकर भी लिखा गया था।
ऐसे हुई पहचान
आरोपी का पता लगाने के लिए फोरेंसिक परीक्षण का इस्तेमाल किया गया। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस की कॉम्प्लेक्स केसवर्क यूनिट के सीनियर क्राउन प्रॉसीक्यूटर लॉरेन ने कहा कि पत्र की सामग्री पूरी तरह से अपमानजनक थी। कनकिया ने सोचा कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। हालांकि फोरेंसिक विश्लेषण ने साबित कर दिया कि उसने पत्र लिखा था।
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत ने मार्च में अपनी पहली सुनवाई के दौरान आरोपी की पहचान की थी।
कोर्ट ने यह कहा
आरोपी को पांच महीने की जेल की सजा सुनाते हुए जिला न्यायाधीश ब्रियोनी क्लार्क ने कहा कि जब भी वह इस पत्र को पढ़ती हैं तो उन्हें आश्चर्य होता है। उन्होंने कहा कि कनाकिया ने प्रीति को घृणित और धमकी भरा एक पत्र उस समय भेजा जब वह गृह मंत्री थीं। क्लार्क ने कहा कि यह पत्र अपमानजनक और अश्लील था। यह लोकतंत्र पर हमला था।
बचाव पक्ष ने मानसिक स्वास्थ्य का दिया हवाला
वहीं, बचाव पक्ष ने कहा कि कनकिया ने पूरे कोविड के दौरान काम किया था। साल 2020 के दौरान वह बीमार पड़ गए। इस दौरान उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा और पिछले साल जुलाई में उनकी मां का निधन हो गया। इसके बाद उनका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ गया। हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के दावे को लेकर कोई सबूत नहीं पेश किया गया है। इसलिए सजा पूरी करनी होगी।