नासा की एक रिपोर्ट में चांद पर गंदगी फैलाने की बात सामने आई है। नासा ने खुलासा किया कि चंद्रमा की जमीन पर 796 मानवनिर्मित आइटम छोड़े गए हैं। जिनमें से 765 (96 फीसदी) अमेरिकी मिशनों के दौरान छूटे। नासा ने कहा कि यह तो नहीं पता कि चांद पर ये आइटम कहां हैं लेकिन ये तय है कि वो वहां हैं जरूर।
नासा ने एक मैप भी जारी किया है, इसमें उन स्थानों को दिखाया गया है जहां बड़े आइटम मौजूद हैं। बता दें कि अमेरिका ने 1960 के दशक में रेंजर स्पेसक्राफ्ट के कई मानवरहित मिशन चांद पर भेजे थे। रेंजर 4, 5, 6, 7, 8 और 9 चांद की सतह से टकराकर क्रैश हो गए, जबकि रेंजर 3 भटककर चांद की अन्य कक्षा में चला गया।
इसके बाद अमेरिका ने लूनर ऑर्बिटर भेजा। इसने उन स्थानों की कई तस्वीरें भेजीं, जहां पहली बार मानव को उतारा जाना बेहतर होता। 1969 से 72 के दौरान मानव ने छह बार चांद की धरती पर कदम रखा। लेकिन इस दौरान कई चीजें चांद के धरातल पर छोड़ी गईं। ये चीजें कहां हैं, इन जगहों के बारे में जानकारी नहीं है।
मैप पर हर बिंदु एक आइटम को रिप्रेजेंट करता है लेकिन इसे स्केल (पैमाना) नहीं बनाया जा सकता। चांद पर छोड़े जाने वाले अधिकांश आइटम सभी मिशनों के लिए सामान्य थे। मिशने के दौरान लगभग सभी पोर्टेबल लाइफ सपोर्ट सिस्टम को पीछे छोड़ दिया गया, जो अंतरिक्षयात्रियों को अपने स्पेससूट के अंदर जीवित रखता था।
अपोलो-17 के अंतरिक्षयात्री रिस्ट मिरर चंद्रमा पर छोड़कर आए। यह सोलर पावर्ड फ्लैशलाइट की तरह होता है। इसकी धरती पर उपयोगिता काफी कम होती है। इसके अलावा एस्ट्रोनॉट्स ने चंद्रमा पर साबुन, एंटी-बैक्टीरियल क्रीम, हाईजीन किट भी छोड़ दी।