लाहौर लगातार दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार है, इस महीने लाहौर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 1,000 से ऊपर पहुंच गया। वहीं, यहां से 350 किमी दूर मुल्तान में यह 2,000 तक जा पहुंचा।
पाकिस्तान का लाहौर शहर जहरीले प्रदूषण (स्मॉग) की चपेट में है। यहां वायु गुणवत्ता रिकॉर्ड खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इससे 1.4 करोड़ निवासियों की जान खतरे में है। सि्थति यह है कि एक दिन में ही 75 हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
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यह स्मॉग आंखों में जलन,गले में खराश और सांस लेने में परेशानी पैदा कर रहा है। इससे लोग घरों में रहने को मजबूर हैं,लेकिन इससे भी लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक,पंजाब प्रांतीय सरकार ने सुबह के खतरनाक प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए 17 नवंबर तक यहां स्कूल अस्थायी तौर पर बंद रखे थे। लाहौर लगातार दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार है, इस महीने लाहौर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 1,000 से ऊपर पहुंच गया। वहीं, यहां से 350 किमी दूर मुल्तान में यह 2,000 तक जा पहुंचा।
मुल्तान संभाग में लगा है स्वास्थ्य आपातकाल
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार,लाहौर नुकसान को कम करने की कोशिश कर रहा है और यहां पर पार्क, खेल के मैदान और अन्य मनोरंजक क्षेत्र बंद हैं। अस्पतालों में 3,359 अस्थमा रोगियों, 286 हृदय रोगियों, 60 स्ट्रोक मामलों और 627 नेत्रशोथ के मरीजों का इलाज किया गया। सबसे अधिक मामले लाहौर में दर्ज किए गए। स्मॉग की वहज से पंजाब सरकार ने लाहौर और मुल्तान डिवीजन में स्वास्थ्य आपातकाल का एलान किया है।