बैठक के दौरान नाटो ने अपना दायरा बढ़ाने का भी फैसला किया है। जमीन, हवा, समुद्र और साइबर क्षेत्र में अपनी बादशाहत कायम करने के बाद अब अंतरिक्ष में कदम रखने की तैयारी है। इसका मकसद है कि नाटो के सदस्य देशों पर हमले की कोशिश करने वाले दुश्मन देश को अंतरिक्ष से ही माकूल जवाब दिया जा सके।
हमारे पास रणनीति ही नहीं सेना भी है
शिखर सम्मेलन के समापन समारोह के बाद स्टॉल्टेनबर्ग से तुर्की की बाल्टिक देशों और पोलैंड के खिलाफ रणनीति पर भी सवाल पूछा गया। जवाब में महासचिव ने कहा कि हमारे पास हर सदस्य देश की सुरक्षा के लिए योजना है। हमारे पास सेना है और पहले से अधिक है। बाल्टिक देशों और पोलैंड में भी हमारी सेना है। नाटो के इतिहास में पहली बार तत्काल युद्ध लड़ने के लिए सुरक्षा बल हैं, जो पूर्वी सदस्य देशों में भी तैनात हैं। हमने नाटो को पहले की तुलना में तीन गुना अधिक ताकतवर बनाया है, आने वाले समय में और ताकतवर होंगे।
2021 में फिर मिलेंगे नाटो देश के नेता
शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन नाटो देश के नेताओं ने ये भी तय किया कि उनकी अगली मुलाकात फिर से वर्ष 2021 में होगी। स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा कि जैसे दुनिया बदल रही है, वैसे ही नाटो भी खुद को निरंतर बदल रहा है।
ये फैसले भी हुए
- यूरोपीय सदस्य देश और कनाडा 130 बिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश करेंगे
- 400 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश होगा वर्ष 2024 के अंत तक
- सदस्य देशों के ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा के लिए भी संयुक्त रूप से काम होगा