आयरलैंड में पिछले कुछ समय से भारतीय मूल के लोगों पर हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला वॉटरफोर्ड शहर का है, जहां छह साल की एक भारतीय मूल की बच्ची पर कुछ लड़कों ने हमला कर दिया। इसके अलावा, डबलिन में एक होटल कर्मचारी को भी हिंसा का शिकार बनाया गया।
केरल की रहने वाली और अब आयरिश नागरिक बन चुकीं अनूपा अच्युतन पिछले आठ साल से आयरलैंड में नर्स के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी निया नवीन आयरलैंड में ही पैदा हुई है, वह अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी कुछ लड़कों ने उस पर हमला किया। उन लड़कों ने बच्ची से कहा, 'डर्टी इंडियन' वापस इंडिया जाओ और गालियां भी दीं। यह हमला सोमवार शाम को हुआ।
अनूपा ने 'आइरिश मिरर' को बताया कि एक गवाह ने कहा कि 8 से 14 साल के उम्र के लड़कों ने निया को साइकिल से मारा और फिर पांच लड़कों ने उसके चेहरे पर मुक्के मारे। बच्ची ने अपनी मां को बताया कि उसके गले में भी मुक्का मारा गया और बाल खींचे गए। इस घटना के बाद अनूपा ने कहा, मुझे बहुत दुख हो रहा है कि मैं अपनी बेटी की रक्षा नहीं कर सकी। मुझे लगा था कि वह यहां सुरक्षित है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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परिवार कुछ महीने पहले ही डबलिन से वॉटरफोर्ड आया था और उन्होंने यह नया घर बसाया था। अब इस हमले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है। पुलिस ने कहा कि सोमवार चार अगस्त 2025 को शाम के समय वॉटरफोर्ड शहर के किलबैरी इलाके में कथित हमले की सूचना मिली थी। जांच जारी है।
इसी हफ्ते बुधवार सुबह डबलिन में भारतीय मूल के एक होटल कर्मचारी पर भी तीन लोगों ने हमला किया। हमलावर उसका मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक साइकिल छीन कर भाग गए। इस हमले में घायल होने के बाद पीड़ित को सेंट विंसेंट यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
आयरलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं कि अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। इससे पहले भी दो भारतीयों पर हमले हो चुके हैं — एक टैक्सी ड्राइवर लखवीर सिंह और एक उद्यमी व एआई विशेषज्ञ संतोष यादव। इसके बाद भारतीय दूतावास ने भारतवासियों को सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की थी।
दूतावास की ओर से कहा गया था, हाल के दिनों में आयरलैंड में भारतीय नागरिकों पर शारीरिक हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। दूतावास इस मामले में स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें, खासकर रात के समय सुनसान जगहों से दूर रहें।
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डबलिन के टालेट इलाके में 19 जुलाई को एक 40 साल के भारतीय व्यक्ति पर हमला हुआ था जिसे स्थानीय लोगों ने नस्लवादी हिंसा कहा। इस मुद्दे पर आयरलैंड की संसद सदस्य और सोशल डेमोक्रेट पार्टी की जेनिफर व्हिटमोर ने भी चिंता जताई है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भारतीय व्यक्ति का खुला पत्र साझा किया, जिसमें लिखा था कि वह और उनकी पत्नी (जो नर्स हैं) अब आयरलैंड छोड़ने की सोच रहे हैं क्योंकि उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर है।
जेनिफर ने लिखा, मुझे अपने देश आयरलैंड से प्यार है... लेकिन बीते कुछ वर्षों में मैंने यहां नस्लवादी हिंसा बढ़ते हुए देखी है। मेरे कुछ दोस्तों को सिर्फ उनके गहरे रंग की त्वचा के कारण अकेले चलने से डर लगता है। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं कुछ कमजोर मानसिकता वाले लोगों की वजह से हो रही हैं। वहीं, आयरलैंड के दूतावास ने भारत में एक बयान जारी किया और कहा, आयरलैंड की जनता भारतीय समुदाय के साथ है और हम नस्लभेद के हर रूप के खिलाफ खड़े हैं।