चक्रवात की वजह से इंडोनेशिया और पूर्वी तिमोर में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से रविवार को 44 लोगों की मौत हो गई। यहां के कई गांवों में बाढ़ ने घरोें को तबाह कर दिया और सड़कों को कीचड़ से भर दिया, जिससे यहां बचाव कार्य मुश्किल में पड़ गए हैं। अब तक 38 के शव निकाले जा चुके हैं, हजारों परिवार बाढ़ में डूबे अपने घर छोड़कर दूर चले गए हैं।
बिजली कटने, सड़कें कीचड़ से भरने व दूरदराज के इलाकों में राहत भेजना हुआ मुश्किल
करीब 17 हजार द्वीपों के देश इंडोनेशिया की बड़ी आबादी पहाड़ों के निकट या बाढ़ से उर्वर हुए क्षेत्रों में रहती है। मौजूदा बाढ़ ने इन्हीं इलाकों को चपेट में लिया है। बिजली नहीं होने और प्रभावित इलाके दूर स्थित होने की वजह से भी सभी तक राहत नहीं पहुंच सकी है। यहां की आपदा राहत एजेंसी प्रवक्ता रादित्य जाती के अनुसार फिलहाल मृतकों की गणना जारी है। पुलिस व सेना पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है।
मछली पकड़ने के जाल से उलझ मछुआरों की नौका से टकराया कार्गो जहाज, 17 हुए लापता
इंडोनिशया के मुख्य द्वीप जावा के निकट रविवार को एक कार्गो जहाज व मछुआरों की नौका टकरा गई। हादसे के बाद 32 लोग पानी में गिर गए, जिनमें से 17 लापता हैं। 15 लोगों को बचा लिया गया है और नौ सेना ने बाकी लोगों की तलाश शुरू कर दी है। हादसे की वजह कार्गो जहाज में मछली पकड़ने का जाल फंसना बताया जा रहा है। यह जहाज बोर्नियो द्वीप से कच्चा तेल लेकर निकला था।