पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने हमले को अंजाम देने वालों की मदद करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 11 मार्च को बोलन जिले में जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने और यात्रियों को बंधक बनाने की घटना को अंजाम दिया गया था।
पाकिस्तान से जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले मामले में बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। बलूचिस्तान पुलिस के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उन पर 11 मार्च को बोलन जिले में जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने और 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बनाने में शामिल बलोच लड़ाकों की कथित तौर पर मदद करने का आरोप है।
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11 मार्च को ट्रेन पर हुआ था हमला
दरअसल, 11 मार्च को प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से जुड़े लड़ाकों ने 440 यात्रियों को ले जा रही जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। हमले में 18 सुरक्षाकर्मियों सहित 26 बंधकों की जान चली गई थी। सेना ने अगले दिन सभी 33 लड़ाकों को मार गिराया था और 354 बंधकों को बचा लिया था। तब से बलूचिस्तान में कई हमले हो चुके हैं।
पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया
रिपोर्ट के मुताबिक, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त टीम जाफर एक्सप्रेस पर हमले की जांच कर रही है। इन चारों संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि हमलावरों की पहचान के प्रयास भी जारी हैं। हमले में मारे गए लड़ाकों के अवशेष फॉरेंसिक साइंस एजेंसी को भेजे गए हैं। हमलावरों की ओर से इस्तेमाल किए गए हथियार और संचार उपकरणों को जब्त कर लिया गया है और उन्हें विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। इसके अलावा हमलावरों के फिंगरप्रिंट पहचान के लिए राष्ट्रीय डेटाबेस प्राधिकरण को भेजे गए हैं।
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आतंकी हमलों में तेजी आई
बलूचिस्तान में पिछले एक साल में आतंकी हमलों में तेजी आई है। ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से सटा यह प्रांत लंबे समय से हिंसक विद्रोह का केंद्र रहा है। बलूच विद्रोही समूह अक्सर इस तेल और खनिज समृद्ध प्रांत में सुरक्षाकर्मियों, सरकारी परियोजनाओं और 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) परियोजनाओं को निशाना बनाकर हमले करते रहते हैं।