तुर्की में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया है। आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्रेसीडेंसी (एएफएडी) ने जानकारी देते हुए बताया कि तुर्की के उत्तर-पश्चिमी प्रांत कनाक्कले में स्थानीय समयानुसार शाम 5:39 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए।
तुर्की के गृहमंत्री अली येरलिकाया ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, "वर्तमान में, कोई प्रतिकूल स्थिति की सूचना नहीं है। हम आपातकालीन कॉल सेंटर द्वारा प्राप्त प्रत्येक रिपोर्ट का मूल्यांकन कर रहे हैं।" सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार क्षेत्र सर्वेक्षण अभियान के जरिए स्थिति का जायजा ले रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप का झटका देश के सबसे बड़े शहर इस्तांबुल में भी महसूस किया गया।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।