उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन
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लोगों के समूहों पर गोलीबारी और फांसी
देश छोड़ चुके लोगों के अनुसार ज्यादातर मौत की सजा गोलीबारी के जरिए दी जाती थी। अक्सर तीन बंदूकधारी तीन बार दोषी व्यक्ति के शरीर पर गोली चलाते थे। जिन लोगों का इंटरव्यू किया गया उनमें से कुछ ने बताया कि इन हत्याओं को अंजाम देने वाले लोग नशे में धुत रहते थे। एक ने कहा- "ऐसा इसलिए किया जाता था।
क्योंकि किसी की जान लेना भावनात्मक रूप से आसान नहीं होता है।" सार्वजनिक रूप से कम संख्या में फांसी के मामले सामने आए। हालांकि एनजीओ का कहना है कि उनकी खाल भी खींच ली जाती थी।
रिपोर्ट लिखने वाले लोगों में से एक, एथन शिन ने बताया कि "ऐसा लगता है कि सार्वजनिक मौत की सजा की संख्या में अब गिरावट आ गई है", लेकिन प्योंगयांग अधिक गोपनीयता के साथ यह काम जारी रख सकता है ताकि उसे सामान्य देशों की गिनती में शामिल किया जा सके। अतीत में कई अधिकारियों को भी फांसी दी गई है। 2013 में किम-जोंग-उन के चाचा की देशद्रोह के लिए निंदा भी की गई थी।
लेकिन हत्याओं की खबरों को सुनिश्चित करना मुश्किल है और कुछ हत्याएं सच नहीं भी निकली हैं। 2013 में लोकप्रिय उत्तर कोरियाई गायिका ह्योन सोंग-उल की सार्वजनिक रूप से हत्या कर दी जाने की बात सामने आई थी। इस खबर को एक दक्षिण कोरियाई अखबार ने छापा था, लेकिन बाद में वह 2018 में शीतकालीन ओलंपिक में देखी गईं।