कोरोना महामारी के दौर में जनता से अच्छे तालमेल, छोटे व्यवसायों और कमजोर परिवारों की मदद के लिए एक बेहतरीन राहत पैकेज तैयार कर पेरू की वित्त मंत्री मारिया एंटोनिएटा अल्वा स्टार बन गईं हैं।
अपनी कोशिशों से 35 वर्षीय अल्वा देश के हर-घर में मशहूर हो गईं हैं। लोग उन्हें टोनी के नाम से बुलाते हैं। आर्टिस्ट उनका स्केच बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं और मीडिया में उनका इंटरव्यू लेने की होड़ मची हुई है। पिछले साथ अक्तूबर में अल्वा को वित्त मंत्रालय की कमान मिली थी।
वे बहुत कम समय में ही राष्ट्रपति मार्टिन विजकारा के मंत्रिमंडल की सबसे खास सदस्यों में शामिल हो गईं। अल्वा सरकार की नीतियों को जनता को बेहतरीन तरीके से समझाती हैं और लोगों के बीच अधिक वक्त भी बिताती हैं। कोरोना महामारी शुरू होने के दौरान कुछ अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया था कि इस साल पेरू की जीडीपी में 10 प्रतिशत तक की गिरावट आएगी।
मारिया सबसे पहले सरकारी निर्माण कार्यों में आई मंदी से निबटना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने क्षेत्रीय और स्थानीय प्रशासन की ओर से खर्च बढ़ाने के लिए मदद की, जिसके चलते पब्लिक इंवेस्टमेंट में रिकॉर्ड वृद्धि हुई। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा भी जीता।
उन्होंने आम सहमति से गरीब तबकों को सीधे नकदी देने, पे-रोल सब्सिडी और सरकार की ओर से व्यापार लोन देने जैसे कई अहम फैसले भी लिए। दो हफ्ते पहले पेरू ने तीन अरब डॉलर के बांड अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचे हैं। पूर्व वित्त मंत्री कार्लोस ओलिवा कहते हैं कि वह संवाद कायम करने में भी बेहतर हैं और वर्तमान हालात में यही सबसे जरूरी है।
अल्वा ने 2014 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर किया है। पढ़ाई करने के बाद अल्वा ने भारत में लड़कियों के लिए शिक्षा के मौके पर अध्ययन किया था। उनके पिता जॉर्ज सिविल इंजीनियर थे।
उन्होंने बताया कि जब मुझे मंत्री बनाया गया था तो कई तरह के सवाल उठे थे। कुछ लोगों ने कहा था कि वह किसी की मेहरबानी से इस पद तक पहुंचीं हैं। लैटिन अमेरिका में जितने देश हैं, उसमें अल्वा ही अकेली महिला वित्त मंत्री हैं।