इस्लामिक स्टेट (आईएस) के जिहादियों ने मध्य सीरिया में सीरियन अरब आर्मी (सीरिया समर्थित सेना) पर बड़ा हमला कर सेना के 35 जवानों को मौत के घाट उतार दिया। आईएस के पतन के बाद उसके लड़ाकों ने पहली बार अल बुश्री माउंटेन के पास सीरियाई सेना के दूतावास के बाहर घात लगाकर हमला किया है। सीरिया में गृहयुद्ध पर नजर रखने वाले ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि मृतकों में सीरियाई सेना के चार वरिष्ठ स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने सीरिया में आईएस आतंकियों को शिकस्त देने वाले कुर्द नेतृत्व वाली सेना के प्रतिनिधियों के साथ फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के शुक्रवार को मुलाकात करने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। मैक्रों ने कुर्द प्रतिनिधियों को जिहादियों के खिलाफ लड़ाई में फ्रांसीसी समर्थन का आश्वासन दिया। तुर्की विदेश मंत्रालय प्रवक्ता हामी अक्सोय ने फ्रांसीसी नेता के इस कदम की निंदा की है।
कोसोवो ने शनिवार को सीरिया से अपने 110 नागरिकों को वापस बुला लिया। इनमें अधिकतर लोग युद्धग्रस्त देश में जिहादी समूहों में शामिल होने गए थे। न्याय मंत्री अबेलार्ड ताहिरी ने बताया कि इस समूह में ज्यादातर महिला और बच्चे शामिल थे जबकि इनमें चार लड़ाके भी शामिल थे। कोसोवो ने चार साल पहले पारित एक कानून के तहत स्वदेश वापसी पर अधिकांश नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया है।