पाकिस्तान ने एक द्विपक्षीय करार के तहत शुक्रवार को भारतीय उच्चायोग को अपने यहां विभिन्न जेलों में बंद 319 भारतीय कैदियों की सूची सौंपी। इन कैदियों में 49 आम नागरिक और 270 मछुआरे हैं। वहीं, भारत ने अपने यहां की जेलों में बंद 340 पाकिस्तानी कैदियों की जानकारी साझा की। इनमें 263 आम नागरिक और 77 मछुआरे हैं।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 21 मई 2008 को दोनों देशों के बीच हुए राजनयिक पहुंच समझौते के प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया गया है। भारत ने अपनी सूची नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग को दी। करार के प्रावधानों के तहत दोनों देशों को साल में दो बार एक जनवरी और एक जुलाई को अपने यहां की जेलों में बंद एक दूसरे के नागरिकों की जानकारी देनी होती है।
भारतीय कैदियों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करे पाकिस्तान: भारत
भारत ने पाकिस्तान से अपने 185 मछुआरों और तीन आम नागरिकों को रिहा कर वापस भेजने को कहा है। भारत का कहना है कि इन सभी की नागरिकता की पुष्टि हो चुकी है और इस बारे में पाकिस्तानी अधिकारियों को बताया जा चुका है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, पाकिस्तान से भारतीय मछुआरों और 22 आम नागरिकों तक तत्काल राजनयिक पहुंच मुहैया कराने को कहा गया है। ये पाकिस्तान की हिरासत में हैं और इन्हें भारतीय माना जा रहा है। कोरोना को देखते हुए भारत ने सभी भारतीय कैदियों की सुरक्षा और रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सरकार ने आम नागरिकों, लापता रक्षाकर्मियों, मछुआरों के साथ उनकी नौकाओं को छोड़ने और स्वदेश वापस भेजने को कहा है।