जलवायु परिवर्तन पर लगाम लगाने के उचित प्रयास नहीं किये गए तो 2050 तक दुनियाभर में 30 करोड़ लोग समुद्र में बह जाएंगे। भारत, चीन, जापान और बांग्लादेश जलवायु परिवर्तन से बढ़ते समुद्र स्तर के कारण सबसे असुरक्षित हैं। आसियान सम्मेलन में शामिल होने बैंकॉक पहुंचे संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने सोमवार को एक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी।
गुटेरस ने कहा, रिपोर्ट के आंकड़े कुछ आगे पीछे हो सकते हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जलवायु परिवर्तन बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा, इस पर लगाम कसने और वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार सदी के अंत तक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री पर रोकने के लिए अगले एक दशक में कार्बन उत्सर्जन को 45 फीसदी तक घटाना होगा और 2050 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य पर लाना होगा।
गुटेरस ने कहा, कार्बन उत्सर्जन रोकने के लिए सभी देशों और सरकारों को प्रतिबद्ध होना होगा। भविष्य में कोयला से चलने वाले ऊर्जा संयंत्र खोलने पर रोक लगानी होगी और जीवाश्म ईंधन पर सब्सिडी को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा खासतौर पर दक्षिण, दक्षिण पूर्वी और पूर्वी एशिया को इस मामले में अधिक सजग रहने की जरूरत है क्योंकि इन देशों में बिजली उत्पादन कोयला संयंत्रों पर निर्भर है।