दुनिया में करीब 2.9 करोड़ महिलाएं आधुनिक दासता की शिकार हैं। इन महिलाओं का जबरन श्रम, जबरन विवाह, कर्ज के बदले गुलामी समेत कई प्रकार की प्रथाओं द्वारा शोषण हो रहा है।
वॉक फ्री एंटी स्लेवरी ऑर्गेनाइजेशन की सह संस्थापक ग्रेस फोरेस्ट ने कहा, स्टैग्ड ऑड्स नामक यह रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में 130 महिलाओं और लड़कियों में से एक आधुनिक दासता की शिकार है और यह संख्या ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी से भी ज्यादा है।
हकीकत यह है कि जितने लोग मौजूदा समय में दासता का जीवन जी रहे हैं, उतने मानव इतिहास में कभी नहीं रहे। संयुक्त राष्ट्र में मीडिया कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, यौन उत्पीड़न के सभी पीड़ितों में 99 फीसदी महिलाएं हैं, जबरदस्ती विवाह के सभी पीड़ितों में 84 फीसदी और जबरदस्ती श्रम के सभी पीड़ितों में 58 फीसदी महिलाएं ही हैं।