देश में कोविड-19 से संबंधित कानून तोड़ने के आरोप में 26 वर्षीय भारतीय बालाचंद्रन पार्थीबन को नौ माह जेल की सजा सुनाई गई है। पिछले साल कोरोना वायरस महामारी के चरम पर होने के दौरान जब बालाचंद्रन को अस्पताल में रहकर उसकी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करने के लिए कहा गया था तब उसने देश छोड़ने की कोशिश की थी।
बालाचंद्रन ने जांच रिपोर्ट का इंतजार किए बिना देश छोड़ने की कोशिश की
कोविड-19 से संबंधित कानून तोड़ने के आरोप में 26 वर्षीय भारतीय बालाचंद्रन पार्थीबन के कोविड-19 जांच रिपोर्ट में संक्रमित होने की पुष्टि हुई जिसके बाद उसे पुलिस ने चांगी हवाई अड्डे से हिरासत में लिया और वापस सिंगापुर जनरल अस्पताल (एसजीएच) लेकर गई।
वह सार्वजनिक परिवहन से हवाई अड्डा गया था, उसने भारत के लिए टिकट खरीदने की नाकाम कोशिश की और वह हवाई अड्डे के टर्मिनल एक पर भी एक घंटे तक यहां-वहां घूमता रहा। उसने बाद में विदेशी कामगार पृथक-वास के नियम को तोड़ते हुए फिर से हवाई अड्डे पहुंचकर स्वदेश वापसी की कोशिश की।
उसने मई में कोविड नियमों के उल्लंघन के विभिन्न आरोपों को स्वीकार कर लिया था जिसमें दूसरों के लिए कोविड-19 का खतरा पैदा करना, बिना इजाजत पृथक-वास के क्षेत्र को छोड़ना शामिल है।