संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने इस्राइल के कब्ज वाले पश्चिमी तट में लगातार बढ़ती हिंसा के बीच बच्चों की दशा पर चिंता व्यक्त की है, जिसमें प्रभावित क्षेत्र में हताहत बच्चों की संख्या और विस्थापन में इजाफा हुआ है। यूनिसेफ के मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के लिए क्षेत्रीय निदेशक एडुअर्ड बीगबेडेर के एक वक्तव्य के मुताबिक, एजेंसी ने पश्चिमी तट में हथियारबंद गतिविधि को तुरंत बंद करने का आह्वान किया है।
गत शुक्रवार को गोली लगने से एक 10 वर्षीय फलस्तीनी लड़के की मौत हो गई और दो दिन बाद नूर शम्स शिविर में कथित तौर पर आठ महीने की गर्भवती महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें उस महिला के अजन्मे बच्चे की भी मौत हो गई। हाल के सप्ताहों में तेजी पकड़ी हिंसा ने बहुत से परिवारों को भारी पीड़ा में और समुदायों को भारी दबाव में धकेल दिया है।
बाल मौतों में तेज उछाल
यूनिसेफ के अनुसार, वर्ष 2025 के शुरू से पश्चिमी तट में 13 फलस्तीनी बच्चों की मौत हुई है। मृतकों में एक दो वर्ष का बच्चा भी है, जिसकी गर्भवती मां घायल भी हो गई। इनमें से सात बच्चों की मौतें 19 जनवरी को बड़े पैमाने पर शुरू हुए इस्राइली सेना के अभियान के बाद हुई है। हिंसा में मौत के शिकार हो रहे बच्चों की बढ़ती संख्या एक चिंताजनक रुख की तरफ इशारा करती है।
एडुअर्ड बीगबेडेर ने बताया कि पिछले 16 महीनों के दौरान उनसे पिछले 16 महीनों की तुलना में इस क्षेत्र में मारे गए फलस्तीनी बच्चों की संख्या में 200 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 7 अक्तूबर 2023 से पूर्वी येरूशेलम सहित पश्चिमी तट में 195 फलस्तीनी बच्चे और तीन इस्राइली बच्चे मारे गए हैं।
शरणार्थी शिविरों में तबाही
जेनिन, तुलकरम और टुबास प्रशासनिक इलाकों में मानवीय स्थिति और भी बदतर हो गई है। यहां इस्राइल के हवाई हमलों, विध्वंस और विस्फोटक हथियारों के इस्तेमाल की वजह से बुनियादी ढांचे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोग बिजली वा पानी जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हुए बिना ही जीवन जीन को मजबूर हैं। इन इलाकों में चल रहे सैन्य अभियानों की वजह से हजारों परिवारों को विस्थापन करना पड़ा।
सैकड़ों स्कूल प्रभावित
हिंसा के बीच बच्चों की शिक्षा में रुकावट आई है। करीब 100 स्कूल प्रभावित होने के कारण बच्चों और शिक्षकों का स्कूल आना जोखिम से भरा है। हिंसा, विस्थापन और अपने निकट संबंधियों को खोने की वजह से बहुत से बच्चों को तुरंत मानसिक स्वास्थ्य और मनोसामाजिक मदद की जरूरत हो रही है।
यूनिसेफ ने इन बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर अधिक संसाधनों की मांग की है। एडुअर्ड बीगबेडेर ने कहा, 'यूनिसेफ बच्चों के खिलाफ हिंसा के सभी कृत्यों की निंदा करता है। बिना किसी अपवाद के हर बच्चे सहित सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी होगी।' यूनिसेफ ने क्षेत्र के सभी बच्चों के लिए शांतिपूर्ण और स्थिर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थित तुरंत एक स्थाई राजनैतिक समाधान की जरूरत पर भी जोर दिया है।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)