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अध्ययन : गर्भवती, नवजात के खून में मिले 109 तरह के रसायन

अमर उजाला रिसर्च टीम, वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 28 Mar 2021 06:18 AM IST

सार

  • 55 रसायन ऐसे हैं, जो इससे पहले मानव शरीर में कभी नहीं मिले थे।
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गर्भवती महिला - फोटो : pixabay

प्रदूषित तत्वों के कारण हवा तो जहरीली हो ही रही है, लेकिन हानिकारक रसायन अब मनुष्यों के खून तक पहुंचने लगा है। एक अध्ययन में गर्भवती और उसके नवजात के खून में 109 हानिकारक रसायनों की मौजूदगी का पता चला है।

इसमें से 55 रसायन ऐसे हैं, जो इससे पहले मानव शरीर में कभी नहीं मिले थे। 42 रसायनों को ‘मिस्ट्री केमिकल’ या ‘रहस्यमय रसायन’ कहा है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने इसके लिए 30 गर्भवती महिलाओं पर अध्ययन किया। उनका कहना है कि ये केमिकल कॉस्टेमिटक्स या सौंदर्य प्रसाधन और प्लास्टिक के जरिए शरीर में पहुंचे हैं। गर्भ में पल रहे बच्चे के शरीर में ये रसायन संभव है कि मां के गर्भनाल से पहुंचा हो।



रोशनी की तरंगों से शोध
खून में रसायन की मौजूदगी का पता हाई रिजॉल्यूशन स्पेक्ट्रोमेट्री (एचआरएमएस) से पता चला है। इसमें रोशनी की तरंगों के जरिए सैंपल में रसायनों का पता चला है जिनको अलग-अलग हिस्से में खंडित होते हुए देखा गया है।

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गर्भवती महिला - फोटो : pixabay
प्रदूषित तत्वों के कारण हवा तो जहरीली हो ही रही है, लेकिन हानिकारक रसायन अब मनुष्यों के खून तक पहुंचने लगा है। एक अध्ययन में गर्भवती और उसके नवजात के खून में 109 हानिकारक रसायनों की मौजूदगी का पता चला है।

इसमें से 55 रसायन ऐसे हैं, जो इससे पहले मानव शरीर में कभी नहीं मिले थे। 42 रसायनों को ‘मिस्ट्री केमिकल’ या ‘रहस्यमय रसायन’ कहा है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने इसके लिए 30 गर्भवती महिलाओं पर अध्ययन किया। उनका कहना है कि ये केमिकल कॉस्टेमिटक्स या सौंदर्य प्रसाधन और प्लास्टिक के जरिए शरीर में पहुंचे हैं। गर्भ में पल रहे बच्चे के शरीर में ये रसायन संभव है कि मां के गर्भनाल से पहुंचा हो।

रोशनी की तरंगों से शोध
खून में रसायन की मौजूदगी का पता हाई रिजॉल्यूशन स्पेक्ट्रोमेट्री (एचआरएमएस) से पता चला है। इसमें रोशनी की तरंगों के जरिए सैंपल में रसायनों का पता चला है जिनको अलग-अलग हिस्से में खंडित होते हुए देखा गया है।

कालीन से लेकर कीटनाशक तक का जहर

वैज्ञानिकों ने खून में जो रसायन पाया उसमें से 40 रसायन प्लास्टिक उत्पादों से जुड़े थे। 28 कॉस्मेटिक उत्पादों, जबकि 29 औषधि निर्माण के उत्पादों से जुड़े थे। इसी तरह शरीर में 23 रसायन की मौजूदगी का पता कीटनाशक और तीन रसायन आग से निकलने वाले हानिकरक तत्वों से जुड़े थे।

इसी तरह सात तरह के हानिकारक कंपाउंड का उत्सर्जन औद्योगिक वस्तुओं के उत्पादन से होता है। इसमें से सबसे अधिक कालीन और लकड़ी उत्पाद से होता है।

रसायनों से बचाव की रणनीति बनाएं
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की महिला, स्त्री एवं प्रजनन विज्ञान के प्रो. ट्रेसी जे वुडरफ का कहना है कि इस तरह के केमिकल कुछ समय के लिए शरीर में रहते हैं। अब तकनीक के जरिए अधिक से अधिक शरीर में मौजूद रसायनों का पता चला है। अब तक इसकी पहचान नहीं हो रही थी।

इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति बनानी होगी जिससे शरीर के भीतर इस तरह रसायनों को पहुंचने से रोका जा सके।
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