आज प्रथम विश्व युद्ध को खत्म हुए पूरे 100 साल हो गए हैं। यह युद्ध साल 1918 में खत्म हुआ था। इसमें जीतने वाले सभी देशों ने एकमत से तय किया था कि इसका पूरा हर्जाना जर्मनी भरेगा। उस वक्त चर्चा सिर्फ इस बात की थी कि जर्मनी से हर्जाने के रूप में क्या वसूला जाए और इस पर कोई विवाद नहीं था कि जर्मनी ही सबको हर्जाना चुकाएगा।
प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी ने सबको हर्जाना चुकाया जरूर, लेकिन वह अकेला नहीं था। एक सदी बाद भी दुनिया वर्साय की शांति संधि का मोल चुका रही है। हालांकि, उस वक्त भी इस संधि की खूब आलोचना हुई थी और कहा गया था कि यह यूरोप में और एक युद्ध का बीज बो रही है। लेकिन उस वक्त दुनिया पर राज कर रहे यूरोप के नेताओं को शायद यह बात समझ नहीं आई।