इंडोनेशिया में आए भूकंप को दो हफ्ते बीत चुके हैं। हालात सामान्य हो चुके हैं, मगर करीब 1.5 लाख लोग अब भी अपने घरों में जाने को तैयार नहीं है। ये लोग अब भी घरों में रहने के बजाय टेंट में रह रहे हैं। वजह है फेक न्यूज यानी फर्जी खबर।
वॉट्सएप और दूसरे सोशल मीडिया के जरिये खतरनाक भूकंप आने की चेतावनी चल रही है। एक मैसेज में कहा गया- आप मुझ पर यकीन करें या न करें, मगर यह हकीकत है कि अंबन द्वीप अगले कुछ दिनों में समुद्र में समाने वाला है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता आगस विबोवो का कहना है कि फेक न्यूज के चलते हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। ऐसी अफवाह चल रही हैं कि बड़ा भूकंप या सुनामी आ सकती है। यहां तक कि फर्जी चेतावनियां भी जारी हो रही हैं।
विबोवो ने कहा, फर्जी खबरों के चलते ज्यादातर लोगों का मानना है कि आपातकाल के दौरान उन्हें लौटने की मंजूरी नहीं है, जबकि यह हकीकत नहीं है। दक्षिणपूर्व राष्ट्र इंडोनेशिया धरती पर सबसे ज्यादा भूकंप की आशंका वाले क्षेत्रों में से एक है।
उन्होंने कहा कि प्रशांत महासागरीय क्षेत्र के ‘रिंग ऑफ फायर' (अग्नि वलय) में आने की वजह से यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। दरअसल, इस क्षेत्र में धरती की टैक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, जिनकी वजह से भूकंप आते हैं।
बीते साल इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के पालू में 7.5 की तीव्रता का भूकंप और उसके बाद आई सुनामी के चलते 4,300 लोगों ने या तो अपनी जान गंवा दी या फिर वे लापता हो गए थे। साल 2004 में सुमात्रा में 9.1 की तीव्रता वाले भीषण भूकंप के आने के चलते भयानक सुनामी आई थी, जिससे पूरे इंडोनेशिया में कुल 2,20,000 लोग मारे गए थे।