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IDFC Bank Fraud: एक मास्टरमाइंड काबू, दूसरे की तलाश; ऊंची पहुंच से विभागों व रिभव में कराता था सेटिंग

Thu, 26 Feb 2026 07:44 AM IST
निवेदिता वर्मा कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पुलिस को उस दूसरे मास्टरमाइंड की तलाश है जिसके बैंक खाते भी धोखाधड़ी की राशि को घुमाने में इस्तेमाल किए गए हैं। उसके खातों में तकरीबन 20 करोड़ रुपये फ्रीज भी करवाए जा चुके हैं।  
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फ्रॉड। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के विभिन्न खातों में हुई धोखाधड़ी के मामले में अभी तक मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आने वाले गिरफ्तार आरोपी एयू स्मॉल बैंक के मैनेजर रिभव ऋषि के अलावा भी एक और शख्स है जिसकी भूमिका रिभव से कम नहीं। वह इस धोखाधड़ी का दूसरा मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
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चंडीगढ़ निवासी इस किंगपिन की पहुंच व संबंध सरकारी तंत्र में काफी मजबूत बताई जा रही है। गिरफ्तार बैंक मैनेजर बैंक मैनेजर रिभव ऋषि और पूर्व कर्मचारी अभय कुमार के साथ भी अच्छी दोस्ती थी। इसी संबंध का फायदा उठाकर इस शख्स की भूमिका रिभव की विभागों से सेटिंग करवाने में थी।

सूत्रों के मुताबिक इस दूसरे मास्टरमाइंड के बैंक खाते भी धोखाधड़ी की राशि को घुमाने में इस्तेमाल किए गए हैं। उसके खातों में तकरीबन 20 करोड़ रुपये फ्रीज भी करवाए जा चुके हैं। एसीबी की टीम मास्टरमाइंड की तलाश में छापेमारी करने के साथ उसके करीबियों से लगातार पूछताछ कर रही है। 
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फरार मास्टरमाइंड ने अपने उच्च स्तर पर अच्छे संबंधों का फायदा उठाया और आईडीएफसी फर्स्ट व एयू स्माल बैंक को हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खाते दिलवाए थे। इसके बाद जीरकपुर स्थित एयू स्माल बैंक के मैनेजर रिभव ऋषि का खेल शुरू होता है। वह अपने दोस्त पूर्व बैंक कर्मचारी अभय कुमार के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से बोगस फर्म तैयार करने के साथ बैंक खातों का इस्तेमाल कर सरकारी राशि को निकालने में लग गया। 

इसमें अभय ने अपनी बहन स्वाति सिंगला और साले अभिषेक सिंगला को भी जोड़ लिया। उन दोनों के नाम पर बोगस फर्म पंजीकृत करवाई गई ताकि उनके खाते में राशि का लेनदेन किया जा सके।
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