अकसर देखने में आता है कि कुछ महिलाएं अपने कार्यस्थल या दफ्तरों में पुरुषों को रिझाने का प्रयास करती हैं, जो उन्हें अपने साथ काम करने वाले पुरुष साथियों के बीच अधिक पसंदीदा बना देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं उनकी यह आदत पुरुषों के बीच उन्हें चालाक और कम भरोसेमंद इंसान के रूप में भी पेश कर सकती है।
'डेली एक्सप्रेस' न्यूजपेपर की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी शोधकर्ता एक अध्ययन में यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि क्या बिजनेस संबंधी बातचीत में महिलाओं की रिझाने की यह आदत लोगों के लिए कुछ मायने रखती है या नहीं।
लेकिन अध्ययन में अमेरिकी शोधकर्ता को ये देखकर हैरानी हुई कि आकर्षण, ईमानदारी और मित्रता सहित दस विशेषताओं की सूची में अपने सहकर्मियों को रिझाने की आदत ने सबसे नीचे स्थान पाया।
एक अन्य अध्ययन में, महिला और पुरुष कलाकारों द्वारा डीलर्स की भूमिका निभाए गए एक वीडियो को देखा गया और उसका मूल्यांकन किया गया। कलाकारों ने दो पटकथाओं पर काम किया था, जिसमें से एक सामान्य पटकथा थी और दूसरी पुरुषों को रिझाने पर केंद्रित पटकथा थी।
एक दूसरे अध्ययन में कलाकारों को अपने साथियों को रिझाने के लिए कहा गया। इस अध्ययन में उन्हें कम वास्तिवक माना गया, हालांकि इनमें से अभिनेत्रियों को अधिक पसंदीदा माना गया। लेकिन इस बात को पुरुषों पर लागू नहीं किया जा सकता।
बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा कराए गए 'व्यक्तित्व और सामाजिक मनोविज्ञान बुलेटिन' में इन दो अध्ययनों का प्रकाशन किया गया है।
विश्वविद्यालय की लॉरा केरे ने बताया, "महिलाएं अपने पेशेवर संदर्भो और विपरीत स्थितियों में प्रशिक्षित वार्ताकारों (Negotiators) को रिझाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। लेकिन प्रशिक्षित नेगोशिएटर्स महिलाओं की इस आदत के लिए नकारात्मक सोच रखते हैं।"
यानी यदि महिलाएं अपने मकसद के लिए अपने बिजनेस के फायदे के लिए पुरूषों को रिझाती हैं तो उन्हें बेशक पसंद किया जाता है लेकिन उनके लिए उनके सहकर्मियों की एक नेगेटिव सोच बन जाती है, जिससे ऐसी महिलाओं पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।