बंगाल शिक्षक घोटाला मामले की जांच कर रहे सीबीआई के कुछ सदस्य ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। शिक्षक घोटाले मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने सीबीआई के कार्य के प्रति असंतोष जाहिर करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने संकेत में कहा, यदि आवश्यक हुआ तो कुछ सदस्यों को बदला भी जा सकता है।
हालांकि अवैध रूप से नौकरी पाने वाले शिक्षकों के इस्तीफे की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षक ने इस्तीफा नहीं दिया है। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा बंगाल के सरकारी स्कूलों में अवैध रूप से शिक्षक की नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों के लिए स्वेच्छा से इस्तीफा देने की तय समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गई। लेकिन इस दौरान पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) के कार्यालय में एक भी इस्तीफा नहीं पहुंचा।
न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने कहा था कि स्वेच्छा से इस्तीफा देने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं देने वालों को परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। सोमवार को इसी मामले में सुनवाई को दौरान गंगोपाध्याय ने यह टिप्पणी की।