पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि विश्व प्रसिद्ध गंगा सागर मेला इस बार आठ जनवरी 2024 से शुरू होगा और 16 जनवरी तक चलेगा। मेले में लाखों की संख्या में भक्तों के पहुचने की संभावना है। भक्तों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए विशेष ट्रेन, बसों के साथ-साथ सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जहाजों की निगरानी के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की तकनीक का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राज्य सचिवालय में गंगा मेला-2024 की तैयारियों को लेकर मंत्रियों, पुलिस अधिकारियों और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा, सियालदह से तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष ट्रेन चलेगी। इसके अलावा मेले में एंबुलेंस भी तैयार रहेंगी। ममता ने दावा किया कि दो जनवरी तक सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। तीर्थयात्रियों को समुद्र में जाने में कोई दिक्कत न हो और उनकी सुरक्षा में कोई कमी न हो, इसे लेकर भी चर्चा हुई।
चाक चौबंद होगी सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रशासन ने सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। इस दौरान 1150 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक जहाज की निगरानी के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो की तकनीक का उपयोग किया जाएगा। सेटेलाइट ट्रैकिंग की भी व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वीआईपी पायलट कार लेंगे तो काफी दिक्कत हो सकती है। उन्होंने कहा, जब तक जरूरी न हो, वीआईपी पायलट कार लेकर गंगासागर न जाएं।
पवित्र स्नान 15 जनवरी की रात से 16 जनवरी की सुबह तक चलेगा। लेकिन मेला उससे पहले शुरू हो जाएगा। मेला 8 से 17 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 40 लाख लोगों के जुटने की संभावना है। इसलिए उन्होंने परिवहन की विशेष व्यवस्था करने की बात कही।