पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही ईडी ने दावा किया है कि 2012 से 2022 तक सिर्फ प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है। ईडी ने अपनी जांच में यह भी पाया है कि 2011 में तृणमूल कांग्रेस की जीत के अगले वर्ष यानि 2012 से ही शिक्षा क्षेत्र में घोटाला शुरू हो गया था। घोटाले का सूत्रपात कोलकाता में एक शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के साथ हुआ था, जिसके अध्यक्ष तृणमूल के एक प्रभावशाली नेता थे। इस मामले में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मानिक भट्टाचार्य गिरफ्तारी हो चुके हैं।
ईडी के मुताबिक सिर्फ शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, निजी डीएलएड कालेजों के अनुमोदन, लाइसेंस के नवीकरण, छात्रों की ऑफलाइन व ऑनलाइन भर्ती के बाबत भी भारी रिश्वत ली गई थी। इसमें लगभग 30 करोड़ रुपये के घोटाले का पता चला है। इसमें भी मानिक भट्टाचार्य की संलिप्तता सामने आई है। वे राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के इशारे पर काम करते थे, जो इस समय जेल में बंद हैं।