पश्चिम बंगाल के भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने बांग्लादेशी तस्करों के एक दल को शनिवार रात को खदेड़ा। इस दौरान दोनों में मुठभेड़ हुई, जिसमें एक तस्कर घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तस्करों से मुठभेड़ नदिया जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह घटना शनिवार देर रात दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की 68वीं वाहिनी की सीमा चौकी इच्छामती इलाके की है। करीब 10-15 की संख्या में बांग्लादेशी तस्कर रात के अंधेरे में भारतीय सीमा में घुसकर जबरन मवेशियों को सीमा पार कराने की कोशिश कर रहे थे। बीएसएफ जवानों ने तस्करों के समूह को ललकारा और मवेशियों को तस्करी से बचाने की कोशिश की। दलदली जमीन और अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर कुछ मवेशियों को सीमा पार कराने में कामयाब रहे। इस दौरान तस्करों ने जवानों पर पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार देर रात जवानों को खबर मिली कि उनके इलाके से मवेशियों की तस्करी होने वाली है। जिसके बाद पूरे इलाके में एंबुश लगा दिया। जवानों ने तारबंदी के दोनों ओर 10-15 तस्करों की हरकतों को देखा। जवानों ने भारत की तरफ से कुछ तस्करों को मवेशियों के साथ नदी के रास्ते इच्छामती पुल की तरफ ले जाते देख पीछा करना शुरू किया। लेकिन तस्कर अनसुना करते हुए लगातार बढ़ रहे थे। इसके बाद जवानों ने हालात को देखते हुए गैर घातक पीएजी से एक राउंड फायर किया। लेकिन तस्कर फिर भी नहीं रुके और इसके विपरित, जवानों पर पत्थर और धारदार हथियार फेंकने लगे एवं गाली-गलौज करने लगे। जवान ने फिर एक चिली ग्रेनेड तस्करों की तरफ फेंका, फिर भी वे नहीं रुके और पत्थरबाजी करते रहे।
अंत में जवान ने आत्मरक्षा में एसएमजी से चार राउंड फायर किया। इसके बाद तस्कर मवेशियों को लेकर इच्छामती पुल के नीचे पहुंच गए और वहां तारबंदी को तोड़ते हुए छह-सात मवेशियों को उस पार ले जाने में कामयाब रहे। घटनास्थल का मुआयना करने पर पता चला की तारबंदी के समीप जमीन पर किसी अज्ञात तस्कर के खून के निशान थे। संभवत: घायल तस्कर को उसके साथी खींचकर बांग्लादेश की तरफ ले जा चुके थे।
मरनासन्न हालत में तस्कर को फेंक भाग गए साथी
इस बीच, घटनास्थल से काफी दूर रविवार सुबह एक तस्कर घायल अवस्था में मिला। अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे झोरपाड़ा गांव के किसानों, जो तारबंदी के आगे खेती करने गए हुए थे, ने बीएसएफ को सूचित किया कि बांग्लादेश के कुछ लोग एक व्यक्ति को मरणासन्न हालत में भारतीय सीमा में फेंक कर भाग गए हैं। कंपनी कमांडर ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंच कर गांव वालों से घायल व्यक्ति की पहचान करवाई तथा पुलिस को सूचित किया। साथ ही घायल को एंबुलेंस मे रनघाट अस्पताल पहुंचाया। उसकी पहचान पार्थिव ढाली पुत्र रमन ढाली, गांव सीमलतल्ला, बोनबेरीया के रूप मे हुई है। अस्पताल में होश आने पर उसने पुलिस को बताया कि वह रात को मवेशियों की तस्करी कराते समय बीएसएफ की गोलीबारी में घायल हुआ है। उसके साथी घायल अवस्था में ही उठाकर उसे बांग्लादेश ले गये थे और उसकी बिगड़ती हालत देखकर वापस भारतीय सीमा में फेंककर चले गए।
आए दिन जवानों पर हमले करते हैं तस्कर
अधिकारियों का कहना है कि जब तस्करों को अपने नापाक मंसूबों में सफलता नहीं मिलती है, तो वे बीएसएफ जवानों पर घातक हथियारों से हमला कर देते हैं, जिससे कई बार जवान गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। जवान अपनी और सरकारी संपत्ति की रक्षा के साथ-साथ तस्करी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाते हैं, जिससे कई बार तस्कर भी घायल होते है और जवानों को दोषी ठहराते हैं।