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अस्थायी कुलपति नियुक्ति मामला: कलकत्ता हाई कोर्ट का सरकार को झटका, राज्यपाल के फैसले को ठहराया सही

Wed, 28 Jun 2023 05:41 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि कुलपति की नियुक्ति के मामले में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और राज्यपाल का निर्णय मान्य है। हाई कोर्ट ने राज्य की याचिका खारिज करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा नियुक्त अस्थायी कुलपतियों को उनके वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान राज्य द्वारा किया जाना चाहिए...
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कलकत्ता हाई कोर्ट - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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कलकत्ता हाई कोर्ट से राज्य के 11 विश्वविद्यालयों में अस्थायी कुलपतियों की नियुक्ति मामले में राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस के फैसले को बरकरार रखा। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि कुलपति की नियुक्ति के मामले में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और राज्यपाल का निर्णय मान्य है। हाई कोर्ट ने राज्य की याचिका खारिज करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा नियुक्त अस्थायी कुलपतियों को उनके वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान राज्य द्वारा किया जाना चाहिए।

जानकारी के मुताबिक पांच जून को अस्थायी कुलपति नियुक्त करने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवाग्नम और न्यायमूर्ति अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बुधवार को यह आदेश दिया। बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने राज्यपाल द्वारा नियुक्त 14 अस्थायी कुलपतियों के वेतन और भत्ते रोकने का आदेश दिया। इससे पहले शिक्षा मंत्री ने कुलपतियों से काम पर नहीं आने का अनुरोध किया था। लेकिन कुलपति नहीं माने। इसके बाद राज्य सरकार ने सीधे तौर पर उनके वेतन-भत्ते रोकने का आदेश देकर राजभवन को कड़ा संदेश दिया।

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