राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत पांच दिवसीय दौरे पर बुधवार को कोलकाता पहुंचे। इस पांच दिवसीय दौरे में मोहन भागवत 23 जनवरी को शहीद मीनार में नेताजी की जयंती के अवसर पर 'नेताजी को लौह प्रणाम' जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके पहले वह गुरुवार को पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के विशिष्ट लोगों के साथ बैठक करेंगे। 20, 21 और 22 जनवरी को सांगठनिक बैठक होगी। इस बैठक में आरएसएस की नीतियों और विस्तार को लेकर चर्चा होगी। इसके साथ ही बंगाल में आरएसएस के क्रियाकलापों पर भी चर्चा होगी। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शहीद मीनार मैदान में बड़ा कार्यक्रम होगा, जिसमें हजारों की संख्या में स्वयंसेवक गणवेश में उपस्थित होंगे।
संघ के एक अधिकारी ने बताया कि 1921 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस से मुलाकात की थी। दोनों ने माना था कि देश को आगे ले जाने के लिए अनुशासित संगठन की जरूरत है। इसके बाद नेताजी ने आजाद हिंद फौज का नेतृत्व किया और 1925 में हेडगेवार ने 12 स्वयंसेवकों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। बाद में जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस नागपुर में एक ट्रेन से गुजर रहे थे, तब उन्होंने स्टेशन के पास स्वयंसेवकों का पथ संचलन देखा। इसके बाद डॉक्टर जी से मिलने के लिए जून 1940 में नागपुर के गए थे, लेकिन तब हेडगेवार की सेहत काफी गंभीर होने से बहुत बात अधिक बात नहीं हो पाई थी। उनकी याद में 23 जनवरी को शहीद मीनार में "नेताजी को लौह प्रणाम" कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके जरिए स्वयंसेवक नेताजी की जीवनी और देशभक्ति से शारीरिक और बौद्धिक प्रेरणा लेंगे।