G-20 Research and Innovation Initiative Gathering
- फोटो : Amar Ujala
दो दिवसीय जी-20 रिसर्च एंड इनोवेशन इनिशिएटिव गैदरिंग (आरआईआईजी) सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ में प्रतिनिधि पहुंचे। इस अवसर पर वैज्ञानिक समुदाय के आमंत्रित प्रतिभागियों के साथ-साथ जी-20 सदस्यों, अतिथि देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के करीब 100 से अधिकि प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक इस दौरान सतत और परिपत्र जैव-अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में विचार-विमर्श किया जाएगा। कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय प्राधिकरण और जी-20 सदस्यों के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं, जो इस विषय पर योजना बनाने, नए स्थापित करने और मौजूदा कार्यक्रमों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार हैं। कॉन्क्लेव में कृषि में चुनौतियां और अवसर, उद्योग के डी-कार्बोनाइजेशन के साथ-साथ जैव-ऊर्जा और जैव संसाधन प्रबंधन पर फोकस किया जाएगा।
इस दौरान राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कार्यक्रमों और देश के अनुभवों, नियामक वातावरण और सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के सहयोग, नए, संसाधन-कुशल, टिकाऊ और अधिक परिपत्र जैव-आधारित प्रौद्योगिकियों, उत्पादों, सेवाओं को बनाने में अनुसंधान, विकास और नवाचार की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही विशिष्ट विषयगत क्षेत्रों पर जी-20 सदस्यों के बीच सहयोग पर भी बातचीत होगी।
यह आयोजन 3पी (पीपुल्स (लोगों), पॉलीसिस (नीतियों) और प्लेसिस (स्थानों)) सहित सभी प्रमुख हितधारकों के बीच सक्रिय जुड़ाव को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही एक समावेशी नीति-निर्माण दृष्टिकोण की ओर ले जाएगा, जो विभिन्न क्षेत्रों में मुख्यधारा के परिपत्र जैव-अर्थव्यवस्था मॉडल के लिए एक वैचारिक ढांचा प्रदान करेगा।