पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने शिलांग दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को मेघालय के मुख्यमंत्री कोरनाड संगमा सरकार पर तीखा हमला बोला। ममता ने कहा, मेघालय की सरकार असम और दिल्ली से चलती है। यहां के मुख्यमंत्री अपने लोगों की बात तक दिल्ली पहुंचा नहीं सकते। उनको वही काम करना पड़ता है, जो दिल्ली और पड़ोसी राज्य असम के हुक्ममरान कहते हैं। वे स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यकर्ताओं को संबोधित करने से पहले वे मुकरो घटना में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मिलीं और पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी। इस दौरान उनके साथ तृणमूल कांग्रेस से महासचवि और सांसद अभिषेक बनर्जी और मेघालय टीएमसी के अध्यक्ष मुकुल संगमा भी मौजूद थे।
ममता ने कहा, चुनाव में आपको राजनीतिक पार्टियां पैसों का लालच देंगी। भाजपा या कोई अन्य दल अगर आपको पैसा दे तो ले लेना, क्योंकि ये आपके पैसे हैं, लेकिन वोट तृणमूल कांग्रेस को देना। उन्होंने कहा, मेघालय के विकास के लिए आपको ऐसी पार्टी को चुनना है जो आपके हक की लड़ाई लड़े। इस समय जो सरकार है, वह अपने लोगों की लड़ाई लड़ने में असफल है। उन्होंने यह कहते हुए तृणमूल कांग्रेस ने बाहरी पार्टी के आरोपों की हवा निकला दी कि रविंद्र नाथ टैगोर और बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा लिखे गए गाने देश की शान हैं। क्या कभी पूछा कि वे कहां से थे। सुभाष चंद्र बोस कहां के थे, जिन्होंने जयहिंद का नारा दिया। तृणमूल कांग्रेस बंगाल की नहीं बल्कि एक सर्वभारतीय पार्टी है। उन्होंने कहा, दिल्ली दूर है और कोलकाता पास है। अगर कुछ भी होगा तो आप लोग बंगाल आ सकते हैं। उन्होंने कहा, चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दीजिए, फरवरी में मेघालय में नया सूरज उगेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, यहां की सरकार के पास अपने लोगों की समस्याएं हल करने की ताकत नहीं है। सरकार ने अपना जमीर दिल्ली के पास गिरवी रख दिया है। यहां के लोगों को छाती में गोली मारी जा रही है, लेकिन सरकार जांच आयोग बनाकर चुपचाप बैठी है। उन्होंने कहा, आप तृणमूल को वोट देकर विजयी बनाएं, हम आपकी लड़ाई लड़ेंगे।