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रंगाली बिहू: कोलकाता में उतर आया छोटा असम, ढोल-पेपा और गगना ने बांधा समां

Wed, 10 May 2023 04:57 PM IST
Harendra Chaudhary एन. अर्जुन, कोलकाता

सार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेना की पूर्वी कमान के प्रमुक लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता और उनकी पत्नी निशा कलिता शामिल हुए। विशिष्ठ अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद पबित्र मार्गेरिटा शामिल हुए...
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रंगाली बिहू की प्रस्तुति - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोलकाता का मधुसूदन मंच रंगीन, जीवंत असम के रंगाली बिहू के नृत्य और असमिया गीतों और रंगों से महक उठा। ऐसा लगा मानों, कोलकाता के इस प्रांगण में एक छोटा असम उतर आया हो। मौका था कोलकाता असमिया कल्चरल एसोसिएशन (केएसीए) द्वारा आयोजित कोलकाता रंगाली बिहू का। बिहू जो वसंत ऋतु का स्वागत करता है। इस मौके पर केएसीए की वेबसाइट भी लॉन्च की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत मुकोली बिहू से हुई, जिसमें उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति पूरे जोश और आनंद के साथ शामिल हुए। केएसीए के अध्यक्ष डॉ खनिंद्र पाठक ने सभी का स्वागत करते हुए कहा, असम और बंगाल के सांस्कृतिक बंधन पर जोर दिया। उन्होंने कोलकाता रंगाली बिहू और बंगाल में वर्षों से इसकी लोकप्रियता के पीछे की जानकारी दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेना की पूर्वी कमान के प्रमुक लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता और उनकी पत्नी निशा कलिता शामिल हुए। विशिष्ठ अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद पबित्र मार्गेरिटा शामिल हुए।

रंगारंग कार्यक्रम में सत्रीय प्रतिपादक अनीता शर्मा के नेतृत्व में टीम द्वारा सत्रीय प्रदर्शन, केएसीए की टीम द्वारा हुसोरी प्रदर्शन और प्रियंका मंडल द्वारा लोकगीत से दर्शकों का मन मोहा। लोकप्रिय गायक, दीक्षु सरमा ने अपने लोकप्रिय गीतों और असमेस बिहुसंगों की प्रस्तुति से शाम को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके अलावा, मुख्य रूप से कोलकाता में रहने वाले असम के लोगों द्वारा साहित्यिक कौशल का उपयोग करने और उजागर करने की पिछली परंपरा को ध्यान में रखते हुए, "सृष्टि" नामक एक त्रिभाषी वार्षिक पत्रिका का भी उसी दिन उद्घाटन किया गया। सृष्टि का 12वां संस्करण डॉ. संगीता सैकिया ने संपादन किया और सह-संपादन चंदमिता गोस्वामी और गोस्वामी और शुभम गोस्वामी ने किया।

कोलकाता असमिया कल्चरल एसोसिएशन के बारे में जानकारी देते हुए संजीव वैश्य और नीलाक्षी कलिता ने बताया कि केएसीए पश्चिम बंगाल सरकार के तहत पंजीकृत एक सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो असम के "सांस्कृतिक और साहित्यिक" कार्यों को प्रदर्शित और बढ़ावा देता है। एक दशक से अधिक समय से केएसीए कोलकाता और बंगाल के कई अन्य हिस्सों में असम के प्राइम फेस्टिवल के लोक नृत्य बिहू हुसोरी को प्रस्तुत और प्रचारित कर रहा है। असम और बंगाल के लोगों के बीच "एकता और भाईचारे" को बढ़ावा देने के लिए इसकी स्थापना की गई है।

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