कोलकाता की दुर्गा पूजा पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। दुनिया भर से लोग यहां थीम पर बनाए गए मां के पंडालों को देखने आते हैं। इस बार यूनेस्को ने बंगाल की दुर्गापूजा को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है, जिससे यहां उत्साह दोगुना हो गया है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, यहां दर्शनार्थियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए कोलकाता मेट्रो ने भी कमर कस ली है।
कोलकाता मेट्रो ने इस बार सप्तमी, अष्टमी और नवमी में पूरी रात मेट्रो चलाने का निर्यण लिया है। इन तीनों दिन दोपहर एक बजे से सुबह चार बजे तक मेट्रो चलेगी। इसके साथ ही मेट्रो ने दुर्गा पूजा में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का भी फैसला किया है।
दसवीं के दिन मेट्रो सेवा दोपहर एक बजे से रात 11 बजे तक उपलब्ध होगी। 132 ट्रेनें चलेंगी। ईस्ट वेस्ट मेट्रो कारिडोर में सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन मेट्रो सेवा दोपहर 1 बजे से सुबह सुबह 4 बजे तक चलेगी। जबकि दशमी के दिन मेट्रो सेवा सुबह 11:55 बजे से रात 12:00 बजे तक जारी रहेगी और 48 ट्रेनें चलेंगी। अधिकारियों के अनुसार 20 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें चलेंगी।
दुर्गा पूजा के मद्देनजर कोलकाता मेट्रो में चतुर्थी के दिन से ही रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है। मेट्रो प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को चतुर्थी के दिन सात लाख से ज्यादा यात्रियों ने मेट्रो रेल में यात्रा की। एक बयान में बताया गया कि चतुर्थी को नार्थ साउथ कॉरिडोर में कुल 7,10,521 यात्रियों ने मेट्रो सेवा का लाभ उठाया। अप व डाउन मिलाकर कुल 288 मेट्रो ट्रेनें चली। सबसे अधिक भीड़ दमदम स्टेशन पर दर्ज की गई। दमदम में 88,687, एप्लानेड में 52,127, कालीघाट में 44,997 और रवींद्र सदन में 41,962 यात्रियों ने भूमिगत रेल में यात्रा की। वहीं इससे मेट्रो रेलवे को टिकट की बिक्री से एक करोड़ छह लाख 81,378 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।